बरवाला। फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर संबंधित विभाग की ओर से पराली जलाने वालों पर सेटेलाइट के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। खेत में पराली जलाने की सूचना सेटेलाइट के जरिए तुरंत अधिकारियों तक पहुंच रही है। इसके बाद नियुक्त अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच और आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं।
अधिकारियों को पराली जलाने के मामलों में सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के साथ खेतों की उपजाऊ शक्ति बनाए रखना और मित्र कीटों को होने वाले नुकसान को रोकना है। इसके अलावा सड़क किनारे पराली जलाने से होने वाली दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
एनजीटी ने धान की फसल के अवशेष और पराली में आग नहीं लगाने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पराली जलाने से निकलने वाला धुआं आम लोगों के स्वास्थ्य और बच्चों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसलिए किसानों से पराली न जलाने की अपील की जा रही है।