पंचकूला नगर निगम कार्यालय के बाहर बीते 37 दिनों से धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों ने अब आंदोलन को और तेज कर दिया है। शुक्रवार को निगम दफ्तर के बाहर महापंचायत बुलाई गई, जिसमें फैसला लिया गया कि अब कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हरियाणा के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे।
महापंचायत में पंचकूला के अलावा पिंजौर और कालका से भी बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी पहुंचे। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने भी धरने को समर्थन दिया है। संघ के नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द बातचीत नहीं की तो इस आंदोलन को कुरुक्षेत्र समेत पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा। सरकार की अनदेखी से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
धरने की शुरुआत में दो दिवंगत सफाई कर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई। सभी कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत साथियों को याद किया और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।महापंचायत को राजनीतिक दलों का समर्थन भी मिला। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सुधा भारद्वाज, जेजेपी के जिला अध्यक्ष ओपी सिहाग ने धरने पर पहुंचकर कर्मचारियों को समर्थन दिया और आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया। उनके साथ जेजेपी महिला प्रकोष्ठ प्रभारी किरण पुनिया, जिला उपाध्यक्ष केसी भारद्वाज, युवा नेता मुकेश वाल्मीकि और पूर्व सर्व कर्मचारी संघ के केंद्रीय कमेटी के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
सैकड़ों कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने एकजुटता दिखाई। ओपी सिहाग ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहर की सफाई व्यवस्था की रीढ़ हैं, उनकी मांगों को अनसुना करना गलत है। सरकार को तुरंत उनके साथ बैठक कर समाधान निकालना चाहिए। कर्मचारियों ने साफ कहा है कि जब तक मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इससे शहर में सफाई व्यवस्था और बिगड़ने की आशंका है।