कालका। प्रजातांत्रिक सरकार में इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाएं जनता के हितों को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं, ताकि लोगों को उसका भरपूर लाभ मिल सके। कालका/पिंजौर रेलवे लाइन पर आरयूबी बनाने के लिए दो नक्शे बनाए गए थे। स्थानीय दुकानदारों और लोगों की मांग के अनुसार छोटे आरओबी की मांग को स्वीकृति दी जा रही है। उक्त शब्द मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को कालका/पिंजौर रेलवे लाइन पर बनने वाले आरओबी का अवलोकन करने के बाद कहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि लोगों को आवागमन के लिए बेहतर अंडरपास मिले और मोहल्ले के निवासियों के साथ-साथ आने-जाने वाले लोगों को मार्केट की भी सुविधा भी मिले। इसी कारण जनता की सुविधा के लिए दो प्रकार के नक्शे बनाए गए थे। दुकानदारों के अनुसार छोटे आरओबी पर सहमति बनी है। इसलिए जिस पर सभी नागरिकाें की सहमति होगी वही कार्य होगा। उसके लिए उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के विभाग के अधिकारियों से भी सहमति ले ली गई है। उन्होंने कहा कि रेलवे को कोई आपत्ति नहीं है। इसलिए जनता की इस मांग को स्वीकार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेशनल हाईवे बनने के बाद पिंजौर और कालका का महत्व बड़ गया है। यह प्राचीन स्थल है, और पर्यटन के रूप में विकसित स्थान है। उन्हाेंने कहा कि शहर का बाईपास बनने के बाद भी पुराने शहर को देखने के लिए लोगों का शहर के अंदर से आना-जाना लगा हुआ है। इसके अलावा हिमाचल जाने वाले लोग अब भी शहर के अंदर से जाते है। उन्होंने कहा कि पिंजौर-बद्दी चौड़ी सड़क बनने के बाद और भी सुंदर शहर बन जाएगा। इस पर व्यापार मंडल कालका की तरफ से मुख्यमंत्री का आभार जताया।
यह रहे मौजूद
इस मौके पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, पूर्व विधायक लतिका शर्मा, उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा, पुलिस आयुक्त सौरभ सिंह, पुलिस उपायुक्त मोहित हांडा, भाजपा के जिला अध्यक्ष अजय शर्मा, पवन कुमारी, संजीव कौशल, कृष्ण लाल लांबा, इंद्र कुमार, अच्छरपाल चौधरी, चेतन अग्निहोत्री, अनिल सूद, राजीव बंसल, भारत भूषण मित्तल, नरेश मंगला, किशोरी, आनंद बिष्ट, तरसेम गुप्ता सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
पिंजौर-कालका वेलफेयर एसोसिएशन थी संघर्षरत, सीएम का जताया आभार
दो वर्षों से पिंजौर-कालका वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संतराम शर्मा आरयूबी के लिए संघर्ष कर रहे थे। उनके साथ मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन पिंजौर और अन्य दुकानदार भी संघर्ष कर रहे थे। नवंबर 2018 में भी उन्होंने धरना देकर संघर्ष किया था। उसके बाद ही मुख्यमंत्री ने नया सर्वे करवाने के आदेश जारी दिए थे। दो वर्ष बाद विभाग ने पुराने सर्वे पर ही काम शुरू कर दिया। इस पर एसोसिएशन और दुकानदारों ने 27 सितंबर को दोबारा धरना शुरू कर दिया था। 20 दिन के धरने के बाद सरकार द्वारा दुकानदारों के हक में दूसरे सर्वे को मंजूरी देने पर धरना खत्म किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा दूसरे नंबर वाले आरयूबी को मंजूरी देने पर एसोसिएशन के अध्यक्ष संतराम शर्मा और दुकानदारों ने आभार प्रकट किया है।