चंडीगढ़। प्रदेशभर के 11 हजार ग्रामीण सफाई कर्मियों ने चेतावनी दी है कि अगर 27 मई तक 50 लाख बीमा कवर व दाह संस्कार के लिए दो हजार रुपये नहीं दिए तो वे कोविड सेंटर की देखभाल व संक्रमितों की लाशों का दाह संस्कार नहीं करेंगे। अनेक बार पत्र व स्मरण पत्र लिखने के बावजूद विभाग ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को कोरोना से बचाव के लिए मास्क, दस्ताने, सैनिटाइजर व पीपीई किट उपलब्ध नहीं करवाई हैं।
यह निर्णय शुक्रवार शाम ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा (सीटू) की वर्चुअल बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के राज्य अध्यक्ष देवीराम ने की। बैठक में यूनियन महासचिव विनोद कुमार, सीटू महासचिव जयभगवान, यूनियन के उप महासचिव बसाऊ राम, कोषाध्यक्ष मनोज कुमार, उपप्रधान जोगिंदर सिंह, राज्य सचिव कृष्ण कुमार, वीरभान सहित जिला व ब्लॉक के 50 से ज्यादा पदाधिकारियों ने भाग लिया। सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा (सीटू) के राज्य प्रधान देवीराम व महासचिव विनोद कुमार ने सरकार पर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को महामारी में भगवान भरोसे छोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गांव में कोरोना संक्रमण से मौत होने पर दाह संस्कार करने तक का काम अब ग्रामीण सफाई कर्मियों से लिया जा रहा है। कर्मचारियों के स्वास्थ्य व जीवन के भविष्य के बारे में सरकार को कोई चिंता नहीं है। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार की अनदेखी के खिलाफ प्रदेश के ग्रामीण सफाई कर्मचारी 26 मई को अपने-अपने गांव मे काला दिवस मनाते हुए विरोध प्रदर्शन करेंगे। अगर 26 मई तक सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मियों के लिए पर्याप्त मात्रा में महामारी से बचाव के लिए सुरक्षा उपकरण, कोरोना काल मे 50 लाख बीमा कवर, दाह संस्कार करने के लिए 2000 रुपये प्रोत्साहन राशि नही दी तो 27 मई से गांव मे साफ-सफाई के कार्य के अलावा कोविड सेंटर की देखरेख और दाह संस्कार का बहिष्कार करेंगे।