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Panchkula News: शिक्षा एवं मनोरंजक गतिविधियों, बाहरी सड़कों, पार्कों समेत अन्य विकास पर खर्च होंगे 100 करोड़

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नगर निगम और कालका नगर परिषद के 143 गांवों के विकास समेत नए प्रोजेक्टों पर विभाग इस बजट को करेगा खर्च
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। जिले का 100 करोड़ रुपये से विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने शुक्रवार को विधानसभा में प्रस्तुत बजट में इस आशय की जानकारी दी। पंचकूला का यह विकास मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के माध्यम से होगा। इस बजट से चंडीमंदिर के पास 200 एकड़ में बनने वाले एजुकेशन एंड रिक्रिएशन सेंटर, टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पंचकूला घग्गर रीवर फ्रंट का विकास, पंचकूला के बाहरी मुख्य सड़कों, बड़े पार्कों, स्टॉर्म वाटर, नगर निगम पंचकूला और कालका नगर परिषद में शामिल 143 गांवों के विकास कार्यों समेत तमाम नए प्रोजेक्टों पर विभाग इस बजट को खर्च करेगा। दरअसल गुरुग्राम और फरीदाबाद के बाद पंचकूला में मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी बनाई गई थी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 8 जून 2021 को शहर में पंचकूला मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी की घोषणा की थी। मकसद था, शहर के विकास कार्यों में तेजी लाना।


स्पीड क्लाइंबिंग से जुड़ी सुविधाओं का मिलेगा लाभ
हरियाणा सरकार ने बजट में खेल पर भी फोकस किया है। सरकार ने करनाल, भिवानी, हिसार, फरीदाबाद, नारनौल के साथ पंचकूला में भी स्पीड क्लाइंबिंग सुविधाओं का विस्तार करने का फैसला लिया है। यहां करोड़ों रुपये की लागत से क्लाइंबिंग वॉल बनाई जाएगी। क्लाइंबिंग वॉल यानी चढ़ाई की दीवार। जिस पर चढ़ाई प्रतियोगिता होती है। भविष्य में पंचकूला में बनने वाली क्लाइंबिंग वॉल में लीड वॉल, स्पीड वॉल और बोल्डर, तीन तरह की वॉल तैयार की जाएंगी। इसके अलावा एक अभ्यास वॉल भी होगी। लीड और स्पीड वाल 15-15 मीटर ऊंची होगी, जबकि बोल्डर वॉल साढ़े चार मीटर की ऊंचाई में रहेगी। अभ्यास वॉल की ऊंचाई आठ मीटर होगी। स्पीड क्लाइंबिंग खेल को पेरिस ओलंपिक 2024 में शामिल किया गया है। इसलिए प्रदेश में इस खेल में खिलाड़ियों के आगे जाने की काफी संभावनाएं हैं।
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मार्च मध्य तक मिलेंगी पंचकूला को 50 इलेक्ट्रिक
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बजट के पिटारे से प्रदेश के पांच शहरों सहित पंचकूला को मार्च मध्य तक 50 इलेक्ट्रिक बसें मिल जाएंगी। इससे शहरवासियों को बेहतर परिवहन की सुविधा मिलने के साथ-साथ परिवहन विभाग को इंटरसिटी बस सर्विस चलाने की योजना को नई दिशा मिल जाएगी। अभी तक लोगों को एक से दूसरे सेक्टर में जाने के लिए ऑटो या रिक्शा का सहारा लेना पड़ता है। कुछ लोग रैपिडो बाइक या कैब का सहारा भी लेते हैं। यह काफी महंगा पड़ता है। इलेक्ट्रिक बस आने के बाद शहर के सभी सेक्टरों में बसों का संचालन किया जाएगा। इससे 5 से 10 रुपये में लोग आसानी से अपना सफर तय कर सकेंगे। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से सबसे ज्यादा फायदा घग्गर पार के सेक्टरों में रहने वाले लोगों को होगा। फिलहाल वहां पर पब्लिक परिवहन की सुविधा न के बराबर है। सीटीयू की एक आध बस ही उस तरफ जाती है। इसलिए लोगों को ज्यादा पैसे खर्च कर शहर आना पड़ता है। इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होने के बाद उस रूट पर भी बसों का संचालन शुरू हो जाएगा।
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