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गांवों की सड़कें कच्चे रास्तों में तब्दील, वाहन चालक परेशान

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मोरनी। क्षेत्र के सड़कों की हालत खस्ता है। अधिकांश सड़कों की हालत कच्चे रास्तों जैसी है। मोरनी से नीमवाला सड़क का भी हाल ऐसा ही है। यहां 18 किलोमीटर के सफर में हजारों गड्ढे हैं, जो वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। बारिश के दिनों में यह परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। इससे हादसे भी होते हैं लेकिन इस सड़क की रिपेयर या पैचवर्क लगाने पर विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। इससे इस सड़क पर चलने वाले सैकड़ों गांवों के लोग काफी परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग द्वारा काफी समय से इस सड़क पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे वाहनों को काफी नुकसान हो रहा है।
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मोरनी से नीमवाला सड़क के अलावा मोरनी से बड़ी शेर, टिक्कर ताल, समलोठा आदि सभी दुर्गम गांवों तक जाने वाली सड़कों की भी हालत काफी खस्ता है। हरदेव दत्त शर्मा, हेमंत भींवर, निर्मल सिंह और माघी राम शर्मा समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि सड़कों पर लंबे समय से कोई पैचवर्क नहीं लगाया गया है। मोरनी से टिक्कर ताल सड़क का कार्य शुरू होना है, लेकिन मोरनी से बड़ी शेर सहित अन्य मार्गों तक जाने वाले रास्तों पर कोई ध्यान नही दिया जा रहा। अधिकारियों की लापरवाही से ग्रामीणों को भारी क्षति उठानी पड़ रही है। कई बार विभिन्न सरकारी स्तर पर शिकायतें भी दी गई हैं लेकिन उन शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
धामन पंचायत के रहने वाले प्रेमचंद शर्मा ने बताया कि बड़ी शेर से आगे धामण तक करीब 10 किलोमीटर के सफर में सड़क खराब होने के चलते वाहन चलाना जान जोखिम में डालने जैसा है। मजबूरी में ग्रामीणों को यह जोखिम उठाना पड़ता है। इलाके में सड़कों पर ना तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं, ना ही साइन बोर्ड लगाए गए हैं। ऐसे में यातायात सुगम बनाने की सोच रखना मात्र कल्पना जैसा है।
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कोट
जोड़ी गांव से बड़ी शेर और छापली से बड़ी शेर सड़क को बनाने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत मंजूरी के लिए भेजा गया है। उम्मीद है सप्ताह के भीतर इन दोनों सड़कों को बनाने की मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद सड़क को बनाने का काम शुरू किया जाएगा। शेरलाताल से नीमवाला गांव तक मौसम खुलते ही पैचवर्क का कार्य शुरू किया जाएगा। मोरनी से शेरला ताल तक पैचवर्क पहले ही पूरा किया जा चुका है। - वीरेंद्र सिंह, जेई, लोकनिर्माण विभाग
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