पिंजौर-कालका और पिंजौर-नालागढ़ मार्ग पर बढ़ी परेशानी, लोगों ने स्थायी समाधान की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पिंजौर। शहर में सड़क किनारे रेहड़ी-फड़ी संचालकों और कुछ दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर परिषद कालका बीते कई वर्षों से इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाल पाई है। कई स्थानों पर सड़क का बड़ा हिस्सा अतिक्रमण की चपेट में है, जिससे यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
लोगों के अनुसार पिंजौर-कालका रोड और पिंजौर-नालागढ़ रोड पर थाना क्षेत्र के समीप टी-प्वाइंट पर लगी अस्थायी रेहड़ियों और फड़ियों के कारण पैदल राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों के लिए यह समस्या और अधिक गंभीर है। बाजार क्षेत्र और प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है।
शहरवासियों का कहना है कि समय-समय पर अतिक्रमण हटाने के अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। उनका मानना है कि केवल औपचारिक कार्रवाई के बजाय स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
लोगों ने मांग की है कि रेहड़ी-फड़ी संचालकों के लिए अलग स्थान निर्धारित कर उन्हें सड़क किनारे से स्थानांतरित किया जाए। यदि कानूनी या अन्य कारणों से ऐसा संभव नहीं है तो सड़क से उनकी न्यूनतम दूरी तय की जाए, ताकि यातायात और पैदल आवाजाही प्रभावित न हो।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार रेहड़ी-फड़ी संचालक धीरे-धीरे सड़क किनारे और फुटपाथ तक अतिक्रमण कर लेते हैं। उन्होंने संबंधित विभागों से स्पष्ट नीति बनाकर सड़कों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।