बरसाती नदी में उफान से घर लौटने का रास्ता हुआ बंद, हाईवे का फ्लाईओवर धंसा अस्पताल तक में टपकी छत
रामगढ़ के पास पंचकूला-यमुनानगर हाईवे का फ्लाईओवर धंसा, सेक्टर-16 सहित कई क्षेत्रों में जलभराव, वाहन हुए बंद
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। कुछ घंटों की मूसलाधार बारिश ने वीरवार को पंचकूला की तैयारियों और दावों की पोल खोल दी। गुमथला गांव के पास बरसाती नदी में उफान आने से स्कूल से लौट रहे बच्चे साढ़े चार घंटे तक वाहनों में फंसे रहे। वहीं रामगढ़ के पास पंचकूला-यमुनानगर हाईवे का फ्लाईओवर धंस गया, सेक्टर-16 के राउंडअबाउट पर डेढ़ फुट तक पानी भर गया और सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल के आईसीयू, इमरजेंसी व ओपीडी तक में छत टपकने लगी। शहरभर में जलभराव, जाम और बदहाल सड़कों ने जनजीवन को प्रभावित किया।
दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया, लेकिन जल निकासी व्यवस्था की खामियां भी उजागर हो गईं। सेक्टर-16 के राउंडअबाउट पर करीब डेढ़ फुट पानी भर गया, जिससे कई वाहन बंद हो गए। सेक्टर-15, सेक्टर-19, सेक्टर-6, पुराना पंचकूला और औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 व 2 की सड़कों पर भी जलभराव रहा। सेक्टर-19 में पाइपलाइन कार्य के बीच पानी भरने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। इंदिरा कॉलोनी और राजीव कॉलोनी में भी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
बरसाती नदी में उफान, साढ़े चार घंटे फंसे रहे बच्चे
मूसलाधार बारिश के बीच सबसे चिंताजनक स्थिति गुमथला गांव में देखने को मिली। स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रहे बच्चे बरसाती नदी में अचानक आए उफान के कारण साढ़े चार घंटे तक वाहनों में फंसे रहे। पुल क्षतिग्रस्त होने से दोनों ओर आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। भूख-प्यास से परेशान बच्चे पानी उतरने का इंतजार करते रहे, जबकि अभिभावक दूसरी ओर खड़े होकर उनकी सुरक्षित वापसी का इंतजार करते रहे।
ग्रामीणों के अनुसार, लगातार बारिश से बरसाती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और पुल क्षतिग्रस्त हो गया। इसके चलते स्कूल बसें और अन्य वाहन बीच रास्ते में ही रुक गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष भी यहां स्थायी पुल बनाने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी गई थी, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
फ्लाईओवर धंसने से बढ़ा हादसे का खतरा
रामगढ़ के पास पंचकूला-यमुनानगर हाईवे पर फ्लाईओवर धंसने से हादसे का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो यहां बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं गुमथला में क्षतिग्रस्त पुल के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
सिविल अस्पताल में भी दिखा बारिश का असर
बारिश का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी देखने को मिला। सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल के आईसीयू, इमरजेंसी और ओपीडी में छत से पानी टपकने लगा। अस्पताल परिसर में जलभराव के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा शहर के कई बाजारों, कॉलोनियों और मुख्य मार्गों पर घंटों जाम लगा रहा। बारिश ने सिर्फ सड़कों को ही नहीं डुबोया, बल्कि शहर की व्यवस्थाओं और तैयारियों की वास्तविक स्थिति भी सामने ला दी।