दरियादिली के साथ हाजिर जवाबी के लिए मशहूर बॉलीवुड के सदाबहार हीरो ऋषि कपूर ने दुनिया को अलविदा कह दिया है। ऋषि कपूर को सिटी ब्यूटीफुल से विशेष लगाव था। इसका एक रोचक उदाहरण आपको बता रहे हैं। 23 मार्च, 2014 को जब ऋषि कपूर शहर में एक खास मकसद के लिए आए थे। वो मकसद था किसी शख्स की किडनी फेलियर से मौत न हो।
इसके लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को किडनी दान करने के लिए प्रेरित करना था। इसका जिम्मा ऋषि कपूर ने लिया। हालांकि शूटिंग के बिजी शेड्यूल के चलते उनके पास टाइम नही था, लेकिन चंडीगढ़ का प्रेम उन्हें यहां खींच लाया। 23 मार्च को हुए किडनी डोनर एवं शपथ ग्रहण समारोह में न केवल उन्होंने हिस्सा लिया, बल्कि यहां उन्होंने किडनी डोनर के तौर पर शपथ ग्रहण भी की।
शहर के आर्ट लवर एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजक डॉ. एस के पुनिया उस दिन को याद करते हुए बताया कि उन्होंने ऋषि कपूर को फोन कर पीजीआई में होने वाले किडनी डोनर प्रोग्राम के बारे में बताया तो उन्होंने अपने बिजी शेड्यूल से 15 मिनट देने का वादा कर आए। शहर का जादू ही था कि वह इस कार्यक्रम में 39 मिनट तक रहे। यहां के लोगों से किडनी दान को लेकर मोटिवेट किया।
चंडीगढ़ आने के लिए नहीं लिए थे एक भी पैसे
यूं तो प्रमोशनल प्रोग्राम के लिए आने वाले अभिनेता पेड प्रमोशन करते हैं और उनका रहने और टिकट तक की व्यवस्था की जाती है। लेकिन ऋषि कपूर ने कार्यक्रम के लिए एक भी रुपया नहीं लिया था और चंडीगढ़ अपने खर्चे से आए थे और यहां बिना पैसे की प्रमोशन भी की।
ऋषि कपूर के साथ काम करने में बहुत अच्छा लगा : बलकार सिद्धू
सिटी और पंजाब के मशहूर अभिनेता रंगकर्मी बलकार सिद्धू ने बताया कि ऋषि कपूर के साथ उन्होंने एक हिंदी फिल्म की थी। इसकी शूटिंग पंजाब के एक गांव में हुई थी। हालांकि ये फिल्म को रिलीज नहीं किया गया, लेकिन उनके साथ काम करने में बहुत मजा आया। उनके साथ काम कर मैंने अभिनय की बारीकियों को समझा। वे एक महान अभिनेता थे।