चंडीगढ़। हरियाणा की अनाज मंडियों में रविवार को न के बराबर खरीद हुई। इसका सबसे बड़ा कारण राइस मिलर्स का धान उठाने के लिए तैयार न होना है। हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने इसे देखते हुए मुख्यमंत्री से अनेक मांगें की हैं।
एसोसिएशन के चेयरमैन रजनीश चौधरी ने कहा कि रविवार को हरियाणा की किसी भी मंडी में धान की सरकारी खरीद नहीं हुई। कुछ समस्याओं के कारण राइस मिलर धान उठाने से मना कर रहे हैं। 19 प्रतिशत नमी के मापदंड से धान की खरीद की जाए। इस मापदंड को सरकार जल्दी से लागू करवाया। सरकार खरीदे गए धान की आढ़त 2.5 प्रतिशत देने के स्पष्ट निर्देश दे। हरियाणा में प्रति एकड़ 35 क्विंटल धान निकलता है, इसे सरकार ने प्रति एकड़ 25 क्विंटल ही खरीदने का निर्णय लिया है। इससे किसानों के सामने बकाया धान की बिक्री की समस्या खड़ी हो जाएगी। किसानों को अपनी धान बेचने के लिए शेड्यूल करवाने का निर्देश दिया गया है, उसे वापस लिया जाए। जो किसान पोर्टल पर पंजीकृत हैं उनका गेट पास काटकर फसल बेचने के लिए आने दें। चौधरी का कहना है कि मार्केटिंग बोर्ड ने मजदूरों की मजदूरी गत वर्ष की अपेक्षा कम देने के आदेश दिए हैं। इससे मजदूरों में भारी रोष है। उनकी मजदूरी बढ़ाई जाए। मुख्यमंत्री से निवेदन है कि इन सभी बातों पर विचार कर धान की खरीद जल्दी से जल्दी शुरू करवाएं।