पंचकूला। रीजनल फॉरेंसिक साइंस लैब (आरएफएसएल) को जल्द ही पुलिस लाइन स्थित पुरानी टेलीकॉम बिल्डिंग में स्थानांतरित किया जाएगा। हरियाणा पुलिस के डीजीपी अजय सिंघला के नेतृत्व में इस योजना पर करीब 6 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रस्ताव संबंधित अधिकारियों को मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है और स्वीकृति मिलने के बाद शिफ्टिंग प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, नई बिल्डिंग में आरएफएसएल को चरणबद्ध तरीके से स्थानांतरित किया जाएगा, जिसमें करीब छह महीने का समय लग सकता है। आरएफएसएल पंचकूला के असिस्टेंट डायरेक्टर एवं इंचार्ज सिद्धार्थ कौशिक ने बताया कि नई बिल्डिंग में अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे फॉरेंसिक जांच की गुणवत्ता और गति दोनों तेज होगी। उन्होंने कहा, नई जगह पर फॉरेंसिक जांच से जुड़ी आधुनिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए चार नई लैब स्थापित की जाएंगी, जिनमें फिजिक्स, केमिस्ट्री, नारकोटिक्स और डीएनए से संबंधित जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे मामलों की जांच अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।
-मौजूदा समय में बायोलॉजी, टॉक्सिकोलॉजी और सीरियोलॉजी डिविजन चल रही है
वर्तमान मेंं सीरियोलॉजी, बायोलॉजी, डॉक्यूमेंट, फोटो और टॉक्सिकोलॉजी से जुड़े मामलों की जांच की जाती है, लेकिन नई लैब शुरू होने के बाद जांच का दायरा और क्षमता दोनों बढ़ेंगे। इससे पुलिस को महत्वपूर्ण मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में काफी मदद मिलेगी और रिपोर्ट तैयार करने में लगने वाला समय भी कम होगा। नई लैब शुरू होने से आपराधिक मामलों की जांच में तेजी आएगी। खासकर नारकोटिक्स और डीएनए जांच की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से सैंपल को अन्य लैब में भेजने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। नई बिल्डिंग में आधुनिक उपकरण, बेहतर स्टोरेज व्यवस्था और वैज्ञानिकों के लिए बेहतर कार्य वातावरण भी सुनिश्चित किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद पंचकूला आरएफएसएल क्षेत्र की प्रमुख फॉरेंसिक जांच इकाइयों में शामिल हो जाएगी, जिससे हरियाणा पुलिस की जांच प्रणाली को और मजबूती मिलेगी।