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Panchkula News: ईडी और सीबीआई की धमकी देकर सेवानिवृत्त कर्नल 10 लाख ठगे

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संवाद न्यूज एजेंसी
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पंचकूला। साइबर ठगी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। इस ठगी में पहले साइबर ठग ने सेवानिवृत्त कर्नल और उनकी पत्नी को करीब दो हफ्तों तक ना तो किसी से बात करने दी और ना ही कहीं जाने दिया। उन्हें वीडियो कॉल करके डराया और धमकाया गया और कहा कि अगर किसी के साथ इन मामलों का जिक्र किया तो उन्हें घर से गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यहां तक कि उनके ताल्लुकात मनी लॉन्ड्रिंग के गिरफ्तार आरोपी के साथ होने की बात कही। करीब दो हफ्तों तक डराने धमकाने के बाद आरोपियों ने बुजुर्ग दंपती से इस मामले में 10 लाख रुपये जमा करवाने को कहा और कहे मुताबिक बुजुर्ग दंपती ने बैंक में जाकर आरटीजीएस करवाया। उसके बाद पीड़ित दंपती ने सारी बात जब अपने बेटे को बताई तो साइबर ठगी का खुलासा हुआ। इसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत पंचकूला सेक्टर-12 साइबर थाने मेंं दी और पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-2 निवासी सेवानिवृत्त कर्नल देबाशीष चौधरी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 20 जून 2024 को उनके पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आई और कॉलर ने खुद को बैंक का अधिकारी बताकर उनके क्रेडिट कार्ड से संबंधित कुछ मामला सामने आने की बात कही। इस पर शिकायतकर्ता चौंक गए और उन्होंने कॉल करने वाले से पूरी बात बताने को कहा तो उसने तुरंत कॉल मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन ट्रांसफर करने की बात कहकर पुलिस अधिकारी से बात करने को कहा। दिए मोबाइल नंबर पर शिकायतकर्ता ने अपनी पूरी जानकारी मैसेज के माध्यम से भेज दिया और कुछ सेकंड के भीतर ही उसी मोबाइल नंबर से कॉल आई। कॉलर ने खुद को बांद्रा पुलिस स्टेशन का अधिकारी बताकर कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार एक आरोपी के साथ उनके संबंध होने की बात सामने आई है। यह सुन शिकायतकर्ता डर गए। यहां तक कि आरोपी ने शिकायतकर्ता को इस मामले का जिक्र किसी से भी नहीं किए जाने को लेकर डराया व धमकाया और ऐसा करने पर तुरंत गिरफ्तार किए जाने की बात कही।
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कॉलर ने शिकायतकर्ता व उनकी पत्नी दोनों को वीडियो कॉल पर रखा और उनसे सवाल जवाब भी किए। आरोपी ने ईडी का एक लेटर शिकायतकर्ता के मोबाइल नंबर भेजा जिसमें शिकायतकर्ता की फोटो और उनके नाम लिखे हुए थे। 20 जून से 24 जून 2024 तक आरोपी लगातार शिकायतकर्ता के साथ व्हाट्सएप चैट व वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत व पूछताछ करता रहा। 24 जून को वीडियो कॉल कर एक महिला पुलिस ऑफिसर ने सीबीआई को केस ट्रांसफर किए जाने की बात कही और कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं होती तब तक बतौर सिक्योरिटी 10 लाख रुपए जमा करने होंगे। सिक्योरिटी का पैसा नहीं जमा करने पर तुरंत उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मजबूरन शिकायतकर्ता बैंक गए और उन्होंने आरोपी द्वारा दिए गए बैंक खाता में 10 लाख रुपये आर-टीजीएस किया। उसके बाद जब उन्होंने अपने बेटे से बातचीत की तो साइबर ठगी का खुलासा हुआ।
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