चंडीगढ़। मंगलवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अपनी तरह का एक अलग ही मामला सामने आया, जिसमें कर्नाटक हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एनके सोढी ने याचिका दाखिल करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के घर के सामने लगे कैमरे को निजता का हनन बताते हुए उसे हटाने की मांग की है। यूटी प्रशासन ने याचिका पर कहा कि इन कैमरों की दायरे में याची का मकान नहीं आता है, जिसके बाद हाईकोर्ट नेे याचिका का निपटारा कर दिया।
कर्नाटक हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एनके सोढी ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट में बताया कि उनका मकान मुख्य न्यायाधीश के मकान के सामने है। मुख्य न्यायाधीश के मकान के सामने लगे कैमरों के कारण उनके मकान को इनके माध्यम से देखा जा सकता है। ऐसा करना सीधे तौर पर निजता के हनन का मामला बनता है। इसी के कारण उन्होंने 22 मार्च और 17 मई को मांगपत्र दाखिल करते हुए इन्हें हटाने की मांग की थी। दो बार मांगपत्र देने के बावजूद इस संबंध में कार्रवाई न होने पर याची को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करनी पड़ी।
याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि मुख्य न्यायाधीश के घर के बाहर खंबों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को हटाया जाए। इसके साथ ही नागरिकों की निजता की रक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों को लेकर नीति तैयार की जाए। सुनवाई के दौरान यूटी प्रशासन की ओर से सीलबंद रिपोर्ट सौंपी गई। इसके साथ ही बताया गया कि मुख्य न्यायाधीश के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में याची के घर को नहीं देखा जा सकता। ये कैमरे मुख्य न्यायाधीश की सुरक्षा को लेकर लगाए गए हैं। इस जानकारी के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। हालांकि अभी विस्तृत आदेश आने बाकी हैं।