संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। पंजाब पुलिस के रिटायर्ड एआईजी रशपाल सिंह की पेशी गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करवाई गई। यह मामला उस झूठे नशे के केस से जुड़ा है, जो एसटीएफ में तैनाती के दौरान पुलिस अधिकारी रशपाल सिंह ने दर्ज किया था। इस केस में 27 अक्तूबर को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों पर यशपाल सिंह को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अगली सुनवाई की तारीख तय की है। इस मामले को लेकर पुलिस विभाग में हलचल मची है।
अदालत में सुनवाई के दौरान पीड़ित बलविंदर सिंह स्वयं कोर्ट में मौजूद रहे और उसने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। बलविंदर सिंह ने कहा कि आरोपी अधिकारी को रिमांड में वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है और पुलिस विभाग उस पर नरमी बरत रहा है। पीड़ित ने कोर्ट से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि रशपाल सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उसके खिलाफ फर्जी केस दर्ज करवाया। जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा और परिवार की साख को भारी नुकसान हुआ। बलविंदर सिंह के अनुसार यह मामला वर्षों पुरानी रंजिश का परिणाम है। उसने कोर्ट से गुहार लगाई कि जांच निष्पक्ष एजेंसी से करवाई जाए जिससे सच सामने आ सके।