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Panchkula News: विधायक शीतल अंगुराल का इस्तीफा मंजूर, छह माह में होंगे उपचुनाव

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चंडीगढ़। लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद पंजाब की कितनी सीटों पर उपचुनाव होंगे यह तो मंगलवार को दिन ही बताएगा, लेकिन जालंधर पश्चिम की सीट पर छह माह में उपचुनाव होने जा रहे हैं। जालंधर पश्चिम से विधायक शीतल अंगुराल का विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने इस्तीफा मंजूर कर लिया है। बीते रोज उन्होंने इस्तीफा वापस लिए जाने को लेकर मंशा जाहिर की थी। यहां तक कि सोमवार को शीतल अंगुराल सुबह ही विधानसभा स्पीकर से मिलने चंडीगढ़ पहुंचे, लेकिन स्पीकर संधवां दिल्ली थे। इस कारण मुलाकात नहीं हो सकी। शीतल अंगुराल ने विधानसभा सचिव को इस्तीफा वापस लिए जाने के संदर्भ में लिखित चिट्ठी सौंपी है।
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चिट्ठी लिखे जाने के बावजूद इस्तीफा मंजूर होने पर अंगुराल को सियासी झटका लगा है। इस्तीफा वापस लेने से पहले अंगुराल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से मोदी का परिवार का टैग हटा लिया था, जिसके चलते उनके आप में वापसी के कयास लगाए जाने लगे थे। इस्तीफा मंजूर होने से अब जालंधर पश्चिमी सीट पर छह महीने के अंदर उपचुनाव कराए जाएंगे। विधानसभा सचिव की ओर से पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी को भी इस संदर्भ में नोटिफिकेशन की कॉपी भेजी गई है। इसमें जालंधर पश्चिमी-34 नंबर सीट को 30 मई, 2024 से खाली दिखाया है। अंगुराल का कहना है कि इस्तीफा मंजूर किए जाने के इस फैसले को वह चैलेंज करेंगे। इसके लिए वह जल्द ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। अंगुराल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि स्पीकर से मुलाकात न होने के बाद उन्होंने सेक्रेटरी को इस्तीफा वापस लिए जाने को लेकर पत्र लिखकर दिया है।

अंगुराल को अब 11 जून की सुबह 11 बजे स्पीकर से मुलाकात का समय मिला है। अंगुराल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह चाहते थे कि लोकसभा चुनाव के साथ उपचुनाव हों, जैसा कि हिमाचल में हुआ है। चुनाव से 69 दिन पहले मैंने इस्तीफा दिया, लेकिन अब तक मंजूर नहीं किया गया। यह इनकी मर्जी थी। इस्तीफा वापस लेना मेरा लोकतांत्रिक अधिकार है, जिसे मैंने इस्तेमाल किया।
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लोकसभा चुनाव में बदला पाला
2022 में हुए विधानसभा चुनाव में शीतल अंगुराल आम आदमी पार्टी की टिकट पर जालंधर वेस्ट से जीतकर विधायक बने थे, लेकिन लोकसभा चुनाव से ठीक पहले 27 मार्च को वह भाजपा में शामिल हो गए। अंगुराल के साथ जालंधर सीट से आप सांसद रहे सुशील कुमार रिंकू भाजपा में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे थे।
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