चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक सेवाओं में पूर्व सैनिकों और उनके बच्चों के लिए आरक्षण के नियम कड़े कर दिए हैं। अब उन्हें इसका लाभ लेना आसान नहीं होगा। नए नियमों की कसौटी पर खरा उतरने के बाद ही आरक्षण मिलेगा। बर्खास्त पूर्व सैनिकों व उनके बच्चों को सरकार किसी सूरत में प्रशासनिक सेवा में आरक्षण प्रदान नहीं करेगी।
मुख्य सचिव ने बुधवार को इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों, सभी डीसी व यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए। नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू माने जाएंगे। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर कोई पूर्व सैनिक या उसकी पत्नी सरकारी नौकरी में है तो प्रशासनिक सेवा या किसी अन्य विभाग, बोर्ड-निगम में उससे ऊंचे पद पर नियुक्ति के लिए आरक्षण के पात्र नहीं होंगे। सिर्फ आयु छूट का लाभ ही मिलेगा। पूर्व सैनिक कोटे में आरक्षित पदों के लिए उनके बच्चे भी आरक्षण के हकदार नहीं होंगे।
अगर कोई पूर्व सैनिक आरक्षण केलिए पात्र है और वह उसका लाभ नहीं लेता है तो उनका एक बच्चा लाभ ले सकेगा। शहीदों के एक पारिवारिक सदस्य को नौकरी मिलने पर उनके बच्चों को प्रशासनिक सेवा में आरक्षण नहीं दिया जाएगा। दिव्यांगता के आधार पर सेना से कार्यमुक्त किए गए पूर्व सैनिकों को आरक्षण का लाभ सरकार देगी। बर्खास्त, दुर्व्यवहार व अन्य कारणों से अयोग्य घोषित किए गए पूर्व सैनिकों व उनके बच्चों को सरकार ने आरक्षण न देने का निर्णय लिया है।