फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panchkula News: एमसीएच में लेबर रूम शिफ्टिंग से प्रसूताओं को हुई परेशानी, एंबुलेंस से ले जाई गईं 11 महिलाएं

विज्ञापन
विज्ञापन
पुरानी इमारत से नई इमारत में शिफ्टिंग के दौरान सामान्य प्रसूताओं को पैदल भेजा गया, कुल 28 महिलाएं स्थानांतरित
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। मदर एंड चाइल्ड अस्पताल (एमसीएच) में शनिवार को पुरानी इमारत से लेबर रूम को नई इमारत में स्थानांतरित कर दिया गया। इस दौरान प्रसूति के लिए भर्ती महिलाओं और गायनी वार्ड की मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल प्रशासन ने छुट्टी का दिन होने के कारण शिफ्टिंग को सुविधाजनक बताया, लेकिन भर्ती महिलाओं और उनके परिजनों के लिए यह प्रक्रिया कष्टदायक रही। दो दिन से भर्ती महिलाओं को प्रसूति के बाद एंबुलेंस के जरिए नए लेबर रूम में शिफ्ट किया गया।
एमसीएच की दूसरी मंजिल पर बने नए लेबर रूम में शिफ्टिंग के दौरान सामान्य प्रसूति वाली महिलाओं को पैदल ही नई इमारत में भेजा गया। वहीं, जिन महिलाओं की प्रसूति हो चुकी थी या होने वाली थी, उन्हें अस्पताल की चौथी मंजिल पर स्थित नए गायनी वार्ड में स्थानांतरित किया गया। पुरानी इमारत में संचालित प्रसूति केंद्र से सर्जरी वाली मरीजों को भी शिफ्ट किया गया। देर शाम तक नए लेबर रूम में प्रसूति के लिए चार महिलाएं भर्ती थीं। प्रसूति के चार घंटे बाद उन्हें भी गायनी वार्ड में भेजा जाना था।
विज्ञापन


कुल 28 महिलाएं की गईं शिफ्ट
नए लेबर रूम में तैनात वरिष्ठ परिचारिका अधिकारी सुमन ने बताया कि दोपहर के समय पुराने लेबर रूम को नए लेबर रूम में स्थानांतरित किया गया। इस दौरान शुक्रवार और शनिवार को प्रसूति वाली 11 महिलाओं को शिफ्ट किया गया। चार महिलाएं अब भी पुराने लेबर रूम में भर्ती हैं, जिन्हें रात तक शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसके अलावा गायनी वार्ड से सामान्य प्रसूति वाली 17 महिलाओं को नए गायनी वार्ड की चौथी मंजिल पर भेजा गया।

डॉक्टर ने बताई शिफ्टिंग की प्रक्रिया
अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संजू ने बताया कि मरीजों को शिफ्ट करने से पहले सभी की पूरी जांच की गई। सुबह प्रसूति वाली महिलाओं को भी सुरक्षित तरीके से नए वार्ड में स्थानांतरित किया गया। उन्होंने बताया कि मरीजों के लिए एक एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी। पहले मरीजों को व्हील चेयर के माध्यम से पुरानी इमारत की पहली मंजिल से रैंप या लिफ्ट के जरिए भूतल तक लाया गया। वहां से एंबुलेंस द्वारा अस्पताल परिसर में स्थित नए एमसीएच भवन तक पहुंचाया गया। इसके बाद व्हील चेयर और लिफ्ट की सहायता से उन्हें दूसरी मंजिल पर बने नए लेबर रूम तक ले जाया गया।

परिजनों ने जताई नाराजगी
शिफ्टिंग के दौरान कई परिजनों ने अव्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि शनिवार को छुट्टी होने के कारण अस्पताल में स्टाफ कम था, जिससे महिलाओं को समय पर सहायता नहीं मिल पाई। पैदल चलकर नई इमारत में जाने से कई प्रसूताओं को दर्द और परेशानी हुई। वहीं, पुराने लेबर रूम से सामान शिफ्ट करने के लिए भी तीमारदारों की मदद ली जा रही थी।

मरीज शाजिया ने बताया कि उसकी सर्जरी हुई है और उसे बैठने में भी परेशानी हो रही है। उसे व्हील चेयर पर नीचे लाकर छोड़ दिया गया, जबकि एंबुलेंस का इंतजार करते हुए उसे करीब आधा घंटा हो गया।

दो ऑपरेशन थिएटर भी हुए शुरू
एमसीएच में लेबर रूम शिफ्ट होने के बाद दो ऑपरेशन थिएटर भी शुरू कर दिए गए हैं। अस्पताल में कुल पांच ऑपरेशन थिएटर हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार रविवार से नए भवन में प्रसूति के लिए मरीजों को भर्ती किया जाएगा।
विज्ञापन


कोट
दोपहर के समय लेबर रूम शिफ्ट किया गया। शुक्रवार और शनिवार की 11 प्रसूताओं को शिफ्ट कर दिया गया है। चार महिलाएं अब भी पुराने लेबर रूम में भर्ती हैं, जिन्हें रात तक शिफ्ट कर दिया जाएगा।
-सुमन, वरिष्ठ परिचारिका अधिकारी, एमसीएच
को
सभी मरीजों की जांच के बाद ही शिफ्टिंग की गई। प्रसूति वाली महिलाओं को भी पूरी सुरक्षा के साथ नए वार्ड में भेजा गया है।
-डॉ. संजू, स्त्री रोग विशेषज्ञ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें