फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नए साल में कोरोना से मिलने लगी राहत

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। नए साल में कोरोना से प्रदेश के लोगों को राहत मिलने लगी है। कोरोना संक्रमण की दर कम होने और उसका असर कम होने के कारण मृत्यु दर घटी है और रिकवरी दर बढ़ी है। इससे भी अच्छी बात ये है कि गंभीर मरीजों की संख्या काफी कम हुई है। इस समय की बात करें तो पूरे प्रदेश में मात्र तीन लोग गंभीर हैं और उनको वेंटिलेटर सपोर्ट दी गई है, जबकि 43 लोगों को आक्सीजन सपोर्ट दी गई है। यह आंकड़ा अब तक का सबसे कम मरीजों का है। इससे न केवल स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है, बल्कि मरीज भी अच्छा महसूस कर रहे हैं।
विज्ञापन

रविवार को पिछले कई माह के बाद काफी राहत भरे आंकड़े मिले। पूरे प्रदेश में केवल करनाल में कोरोना के एक मरीज की मौत हुई है, जबकि नए केस 128 आए हैं। इनमें गुुुरुग्राम में 39, फरीदाबाद में 22 और करनाल में 11 केसों को छोड़ दें तो बाकी जिलों में 0 से 9 तक केस ही मिले हैं। आंकड़ों की बात करें तो पिछले माह गंभीर मरीजों की संख्या 40 के पार थी और इससे ज्यादा संख्या आक्सीजन सपोर्ट के मरीजों की थी। जनवरी माह से लगातार कोरोना के केसों की संख्या में कमी दर्ज की जा रही है। इस समय प्रदेश में 98.31 प्रतिशत है और मृत्यु दर 1.13 प्रतिशत रह गई है।
आक्सीजन सपोर्ट की बात करें तो पीजीआई रोहतक में 3, खानपुर मेडिकल कालेज में 1, कल्पना चावला मेडिकल कालेज में 9, एमएम मेडिकल कालेज मुलाना में 4, मेट्रो अस्पताल फरीदाबाद 5, एशियन फरीदाबाद में 3, अलकेमिस्ट सेक्टर-26 पंचकूला में 3, पारस में 2, सिविल अस्पताल पंचकूला में 7 और श्री बालाजी अस्पताल कुरुक्षेत्र में 2 मरीज आक्सीजन पर हैं। वहीं, क्यूआरजी सेंट्रल फरीदाबाद, एस्कोर्ट फोर्टिस, अलकेमिस्ट पंचकूला, एलएनजेपी कुरुक्षेत्र में 1-1 मरीज है। गंभीर मरीजों की बात करें कल्पना चावला मेडिकल कालेज करनाल, मेट्रो अस्पताल फरीदाबाद और ईएसआईसी मेडिकल कालेज फरीदाबाद में एक एक मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।
विज्ञापन

रविवार को कोरोना वैक्सीनेशन 907 हैल्थ वर्करों को दी गई है। इनमें से गुुरुग्राम में 660, हिसार में 197 और अंबाला में 50 लोगों को वैक्सीन दी गई। इसके अलावा, अब तक 72186 फ्रंट लाइन वर्करों को वैक्सीनेशन किया जा चुका है।
इस बारे में स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डा. सूरजभान कांबोज का कहना है कि आंकड़े राहत भरे हैं। धीरे धीरे कोरोना का असर कम हो रहा है। अब वैक्सीनेशन शुरू होने से मरीजों को मनोबल भी बढ़ा है। इसी का नतीजा है कि अब मरीज गंभीर कोरोना से अच्छे से मुकाबला कर पा रह हैं। पहले कोरोना के नाम की दहशत ज्यादा थी, इसलिए लोग गंभीर हो जाते थे और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट देनी पड़ती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें