अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब में गर्मी के तेवर तीखे होते ही सोमवार को बिजली की अधिकतम मांग ने बीते दो साल का रिकाॅर्ड तोड़ दिया। यह 15624 मेगावाट दर्ज की गई। यह इस सीजन में भी अब तक की सबसे ज्यादा मांग रही। विशेषज्ञों के मुताबिक धान सीजन के साथ अब पंजाब में हीट वेव चलने से बिजली की मांग में अचानक से बड़ी बढ़ोतरी हुई है। उनका मानना है कि अगर इसी तरह से भीषण गर्मी बनी रही, तो बिजली की मांग आने वाले दिनों में और बढ़ेगी। गौरतलब है कि इस बार पावरकाॅम ने पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 17500 मेगावाट तक जाने का अनुमान लगाया है। पावरकाॅम अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में पंजाब में बिजली की मांग और बढ़ेगी। इसे पूरा करने के लिए पावरकाॅम पूरी तरह से तैयार है।
पंजाब में जून महीने में आठ तारीख तक बिजली की मांग 14000 मेगावाट से नीचे ही दर्ज की जा रही थी। आंकड़ों के मुताबिक एक जून को बिजली की अधिकतम मांग 10713 मेगावाट, दो को 10939 मेगावाट, तीन को 10441 मेगावाट, चार को 10509 मेगावाट, पांच को 10745 मेगावाट, छह को 11961 मेगावाट, सात को 13577 मेगावाट और आठ जून को 13510 मेगावाट दर्ज की गई थी। पिछले महीने 21 मई को पंजाब में बिजली की मांग 14149 मेगावाट दर्ज की गई थी, लेकिन सोमवार को पंजाब में इस सीजन में अब तक का रिकाॅर्ड तोड़ते बिजली की अधिकतम मांग 15624 मेगावाट दर्ज की गई। इसने पिछले दो साल का भी रिकाॅर्ड तोड़ दिया। साल 2024 में नौ जून को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 11509 मेगावाट और साल 2023 में 9790 मेगावाट दर्ज की गई थी।
कई यूनिटों से निर्बाध हुई सप्लाई
हालांकि सोमवार को पावरकाॅम के लिए राहत की बात यह रही है कि लहरा मुहब्बत के 210 मेगावाट की दो नंबर यूनिट को छोड़कर बाकी सभी थर्मल प्लांटों के यूनिटों से निर्बाध बिजली सप्लाई होती रही। जिसके चलते बिजली की मांग को पूरा करने में पावरकाॅम को ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। सोमवार को पावरकाॅम को अपने रोपड़, लहरा मुहब्बत व गोइंदवाल थर्मल प्लांटों से तकरीबन 1720 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई, जबकि कुल 1980 मेगावाट के तलवंडी साबो व 1400 मेगावाट के राजपुरा के प्राइवेट थर्मलों से 2830 मेगावाट और हाइडल प्रोजेक्टों से 415 मेगावाट बिजली मिली। सभी स्रोतों से पावरकाॅम को 5130 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई। मांग पूरा करने के लिए बाकी बिजली पावरकाॅम ने बाहर से ली।