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गुरुग्राम में प्लॉट आवंटन मामले में विजिलेंस जांच पूरी

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चंडीगढ़। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में प्लाट आवंटन में 88.64 लाख रुपये के फर्जीवाड़े मामले की विजिलेंस जांच में प्राधिकरण के तत्कालीन मुख्य प्रशासक, प्रशासक, जिला न्यायवादी, एस्टेट ऑफिसर गुरुग्राम सहित 2 अन्य दोषी पाए गए हैं। विजिलेंस ब्यूरो के जांच अधिकारी एवं पुलिस महानिरीक्षक सुभाष यादव ने डीजीपी को भेजी अपनी जांच रिपोर्ट में पांच लोगों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की है।
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राज्य चौकसी ब्यूरो गुरुग्राम के पुलिस महानिरीक्षक सुभाष यादव ने डीजीपी विजिलेंस को 20 अप्रैल को भेजी अपनी जांच रिपोर्ट में हुडा के तत्कालीन मुख्य प्रशासक और वर्तमान आयुक्त रोहतक मंडल डॉक्टर डी सुरेश, हुडा पंचकूला के तत्कालीन प्रशासक गिरीश कुमार, तत्कालीन जिला न्यायवादी अनिल अग्रवाल , हुडा गुरुग्राम के तत्कालीन एस्टेट ऑफिसर मुकेश सोलंकी तथा गुरुग्राम वासी सुरेंद्र कुमार व बलवंत राय डोगरा के विरुद्ध धारा 109,409,420,467,471 व भृष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की है। वहीं, आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने आरोपियों पर कानूनी कारवाई की मांग की है।
यह है मामला
9 जून, 1985 को निकले ड्रा में शकुंतला देवी पत्नी ईश्वर चंद मनचंदा का गुरुग्राम के सेक्टर 21 में 14 मरले का प्लॉट नंबर 138 निकला था। इस प्लाट पर कानूनी अड़चन होने पर विभाग ने इस प्लॉट के बदले अलॉटी को सेक्टर 5 में प्लॉट नंबर 902 रकबा 286 वर्गमीटर कुल कीमत 6,12,008 रुपये में अलॉट कर दिया था। माह दिसंबर 2000 में प्लॉट को कब्जा भी अलॉटी को दे दिया, लेकिन सेक्टर 5 में प्लॉट की कीमत ज्यादा आकर्षक नहीं थी। अलॉटी शकुंतला देवी ने इस प्लॉट को आगे सुरेंद्र सैनी वासी गुरुग्राम को 10 लाख रुपये के बदले मौखिक तौर पर बेच कर सभी कागजात सुरेंद्र सैनी को दे दिए। सुरेंद्र सैनी ने मूल अलॉटी शकुंतला देवी के फर्र्जी हस्ताक्षर करके प्रशासक हुडा गुरुग्राम को लिखित आवेदन देकर प्लॉट बदलने की मांग करते हुए कहा कि यह प्लॉट शेरमुखी है, जो कि रिहायश के लिए अशुभ है। इसके बाद शकुंतला देवी के फर्जी हस्ताक्षर वकालतनामा पर करके उपभोक्ता कोर्ट गुरुग्राम में भी केस दायर करवा दिया। उपभोक्ता कोर्ट ने 10 मई, 2002 को अंतरिम आदेश पारित करते हुए हुडा विभाग को सेक्टर 43 में 14 मरले का एक प्लॉट आरक्षित रखने के निर्देश कर दिए। इस फैसले के विरुद्ध हुडा विभाग द्वारा राज्य उपभोक्ता कोर्ट में चुनौती दी गई तो जिला उपभोक्ता कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया गया। हाईकोर्ट के आदेश उपरांत 24 सितंबर, 2018 को हुडा के तत्कालीन मुख्य प्रशासक जे गणेशन ने शकुंतला देवी की ओर से पेश अपील को रद्द कर दिया। इसके बाद अलॉटी शकुंतला देवी के नाम से फर्जी पुनर्विचार याचिका लगाई गई। तीन सदस्यीय कमेटी ने 20 जून, 2019 को हुडा नियमों, कानूनों का उल्लंघन करके अलॉटी शकुंतला देवी के हक में गलत निर्णय किया। सेक्टर 5 में 342 वर्गमीटर के आवंटित प्लाट नंबर 917 की वर्तमान कीमत 65000/-प्रति वर्गमीटर की दर से 1,85,86,503 है, जबकि बदले में सेक्टर 27 गुरुग्राम में दिए प्लॉट नम्बर 535 की वर्तमान कीमत 96000/-प्रति वर्गमीटर की दर से 2,74,50,850/- रुपये है। इस तरह फर्जीवाड़े से सरकार को कुल 88,64,332/-रुपये की वित्तीय हानि पहुंचाई गई।
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