राजीव कालोनी के बीच से गुजरती नाली।
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टूटी सड़कें, आवारा पशु, चौतरफा फैली गंदगी, जलती-बुझती स्ट्रीट लाइटों के साथ खुले गटर जैसी समस्याओं का सामना पिछले काफी वर्षों से राजीव कॉलोनी के लोग कर रहे हैं। यह गांव वार्ड नंबर-11 में है। इस गांव की खूबी है कि यह पंचकूला से सटा हुआ है। लेकिन सबसे ज्यादा पिछड़ा हुआ भी। यहां के लोगों का कहना है नेता चुनाव के दौरान वादे करके वोट ले जाते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई नजर नहीं आता है। स्थानीय पार्षद के पास समस्याएं लेकर जाते हैं पर वहां से सिर्फ आश्वासन मिलता है।
बच्चों के खेलने के लिए नहीं है पार्क
राजीव कॉलोनी में बच्चों के खेलने के लिए कोई पार्क नहीं बनाया गया है। इस कारण बच्चे गलियों में खेलते है। प्रशासन की अनदेखी के कारण हमें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
तेज बारिश के होते ही यहां घरों में पानी घुसने का खतरा बना रहता है। यहां बारिश के पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया है। इस कारण लोगों के घरों में पानी घुस जाता है। प्रशासन की अनदेखी के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बलकार
कॉलोनी में स्ट्रीट लाइट्स की भी कोई व्यवस्था नहीं है। इस वजह से यहां के लोग रात के वक्त घर निकलने से भी डरते है। यहां स्नैचिंग का खतरा लोगों को सताए रहता है। इन सभी समस्याओं की शिकायत हम यहां के स्थानिय पार्षद, नगर निगम और हुडा के अधिकारियों को कई बार कर चुके है। पर इन समस्याओं को हल नहीं किया गया है। कॉलोनी पंचकुला के बीच आने के बाद भी पिछड़ा हुआ है।
कृष्णा
गलियों में बिजली के तार नीचे लटके हुए हैं। जिस ओर बिजली निगम की नजर नहीं जाती है। नीचे लटकी तारों से हादसे का खतरा बना रहता है। बारिश की वजह से बिजली के तारों के गिरने का खतरा रहता है।
राजेश
सड़कों के बीच में लोगों ने कच्ची नालियां बनाई हुई हैं। जिस वजह से गलियों से गुजरने में काफी परेशानी होती है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
रामधर