चंडीगढ़। पंजाब में अब उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की रियल टाइम ट्रैकिंग होगी। इससे उनके साथ-साथ नवजात शिशुओं की निगरानी हो सकेगी। इसी बारे में नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) पंजाब और हेल्थ एजेंसी जेएचपीआईईजीओ के बीच एक एमओयू हुआ है। इस दाैरान एआई की भी मदद ली जाएगी।
यह समझौता पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की उपस्थिति में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कुमार राहुल व जेएचपीआईईजीओ के कंट्री डायरेक्टर डॉ. अमित अरुण शाह द्वारा हस्ताक्षरित किया गया।
इस दाैरान मंत्री डाॅ. बलबीर ने बताया कि यह साझेदारी प्रजनन, मातृ, नवजात, शिशु और किशोर स्वास्थ्य व पोषण सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल में तकनीकी सहायता को सशक्त बनाना है। इसके अंतर्गत डिजिटल और डाटा-आधारित तकनीकों के माध्यम से उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की समय रहते पहचान कर उनका प्रभावी प्रबंधन किया जाएगा। इससे गर्भावस्था के दौरान (एंटीनैटल), प्रसव के समय (इंट्रानेटल) तथा प्रसव के बाद (पोस्टनैटल) देखभाल को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।
इसके तहत लाभार्थी ट्रैकिंग प्रणालियों, आईओटी सक्षम उपकरणों तथा लेबर रूम मॉनिटरिंग सिस्टम का एकीकरण किया जाएगा। इससे गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की रियल-टाइम निगरानी संभव हो सकेगी, जिससे उच्च जोखिम वाले मामलों की प्रारंभिक चरण में ही पहचान कर समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जा सकेगा।