चंडीगढ़। केंद्र सरकार ने ग्रामीण विकास निधि (आरडीएफ) का फंड जारी नहीं किया है, जिसके चलते मंडियों के काम प्रभावित हो रहे हैं। यही कारण है कि बोर्ड ने फंड जुटाने के लिए अपनी संपत्तियों की नीलामी करने की प्रक्रिया शुरू की है। बोर्ड की तरफ से 1373 संपित्तयों की सूची तैयार की गई थी और 20 जिलों में स्थित इन संपत्तियां की नीलामी की जा रही है। इनमें करीब 100 पेट्रोल पंप और 1250 दुकानें की साइटों को शामिल किया गया है।
इसी तरह एटीएम के लिए आरक्षित कुछ जगहों की नीलामी भी की जा रही है। बोर्ड की तरफ से जारी आदेशों के अनुसार फ्री होल्ड के आधार पर इन प्लॉटों की नीलामी होगी, ताकि अधिकतर लोगों का रिस्पांस मिल सके। इस नीलामी से 260 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य तय किया गया है, ताकि मार्केट कमेटियों के लंबित पड़े कार्यों और ग्रामीण लिंक सड़कें के रिपेयर की प्रक्रिया शुरू की जा सके। मंडियों में लोगों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही ग्रामीण लिंक सड़कों की हालत भी खस्ता है, क्योंकि पिछले काफी समय से इन सड़कों की रिपेयर नहीं हुई है। इस नीलामी से होने वाले राजस्व का उपयोग पिछले सरकारों की तरफ से लिए गए लोन उतारने के लिए भी किया जाएगा।
बता दें कि बोर्ड को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि केंद्र सरकार की तरफ से 7200 करोड़ रुपये आरडीएफ के रूप में जारी नहीं किए गए हैं। दिसंबर 2024 से यह नीलामी शुरू की गई थी और अब तक 60 करोड़ रुपये का राजस्व बोर्ड जुटा चुका है। अब 10 फरवरी से 20 जिलों में नीलामी शुरू होगी, जिसके लिए 25 फरवरी तक इच्छुक बोलीदाता बोली लगा सकेंगे।