चंडीगढ़। गुरदासपुर में 19 वर्षीय युवक रणजीत सिंह की कथित पुलिस मुठभेड़ में मौत पर सवाल उठाते हुए मृतक की मां सुखजिंदर कौर ने सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाने की मांग को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि पंजाब पुलिस द्वारा की गई मुठभेड़ अवैध, मनमानी और असांविधानिक है तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। याचिकाकर्ता के वकील रवि जोशी ने कोर्ट से मामले की जांच के लिए पुलिस अधिकारियों से एक अलग विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की।
साथ ही यह भी आग्रह किया गया है कि जांच किसी वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए ताकि पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष पड़ताल हो सके। याचिका में यह भी विकल्प दिया गया है कि अदालत चाहे तो इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का आदेश भी दे सकती है।
याचिका के अनुसार मृतक रणजीत सिंह पुत्र बिक्रमजीत सिंह निवासी गांव आदी, डाकघर डुगरी, जिला गुरदासपुर की पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई थी। यह घटना गुरदासपुर जिले के पुराना शाला क्षेत्र में हुई बताई गई है। मामले से संबंधित तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। याचिका में कहा गया है कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच के बिना इसे सही नहीं ठहराया जा सकता और मृतक के मौलिक अधिकारों, विशेषकर जीवन के अधिकार का गंभीर उल्लंघन हुआ है।
याचिका में अदालत को बताया कि रणजीत सिंह उनका इकलौता बेटा था और उसकी मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में लंबे समय से कथित पुलिस मुठभेड़ों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। 1984 से लेकर अब तक ऐसे कई मामलों में अदालतों का दरवाजा खटखटाया गया है।