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Panchkula News: चंडीगढ़ पुलिस के रडार पर क्लबों के बाहर बम धमाके का आरोपी रणदीप मलिक

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चंडीगढ़। शहर के क्लबों के बाहर बम धमाके कराने के आरोपी रणदीप मलिक की अमेरिका में गिरफ्तारी के बाद वह चंडीगढ़ पुलिस के भी रडार पर है। रणदीप पर आरोप है कि उसने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के इशारे पर क्लबों के बाहर बम धमाके कराए। विदेश जाने के बाद उसका संपर्क लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से हुआ और वहीं से उसने अपराध की राह पकड़ी। भारत लाए जाने के बाद चंडीगढ़ पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ करेगी।
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रणदीप मलिक से न केवल बम धमाकों में उसकी भूमिका पर सवाल पूछे जाएंगे बल्कि यह भी पता लगाने की कोशिश होगी कि विदेश में रहते हुए उसका लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कैसे संपर्क हुआ, गिरोह के लिए वह किस तरह मददगार साबित हुआ और उसके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही चंडीगढ़ में नेटवर्क के बारे में भी पूछताछ की जाएगी। रणदीप मलिक ने ही गोल्डी बराड़ के जरिए चंडीगढ़ में क्लब के बाहर बम धमाके करवाए थे। यह खुलासा बम फेंकने वाले आरोपी अजीत और विनय की गिरफ्तारी के बाद हुआ था। पूछताछ में सामने आया था कि दोनों आरोपी सिग्नल एप के जरिए रणदीप मलिक से बात कर रहे थे। मलिक का अमेरिका में ट्रांसपोर्ट का बिजनेस था। आरोपी खुद भी ट्रक (ट्राला) चलाता था, जबकि दूसरे ट्राले ड्राइवर चलाते थे।


गुरुग्राम में क्लबों के बाहर धमाके करने की साजिश रचने का भी आरोप
रणदीप मलिक जींद जिले के एंचरा गांव का रहने वाला है। वह साल 2014 में विदेश चला गया था। उसके माता-पिता गांव में खेती-बाड़ी करते हैं। भारत लाने के बाद चंडीगढ़ पुलिस भी आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ कर सकती है कि आखिर उसने किसके कहने पर बम धमाके करवाए थे। रणदीप को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का करीबी बताया जाता है। रणदीप के खिलाफ गुरुग्राम में क्लबों के बाहर धमाके करने की साजिश रचने का भी आरोप है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि रणदीप मलिक के खिलाफ जींद जिले में एक फिरौती मांगने का भी मामला दर्ज है।
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बम फेंकने वाले दोनों आरोपियों की हिसार से हुई थी गिरफ्तारी
26 नवंबर 2024 को सेक्टर-26 पुलिस थाना व आप्रेशन सेल से महज 50 कदम दूर स्थित डि''ओरा व सेविले क्लब के बाहर तड़के 3.14 बजे देसी बम फेंककर विस्फोट किया गया था। अगले ही दिन सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप के गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा के नाम से बने अकाउंट से इस बम ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली थी। 29 नवंबर को चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सतविंदर दुहन ने हिसार एसटीएफ के साथ मिलकर मुठभेड़ बाद दोनों आरोपियों को हिसार से आरोपी अजीत व विनय को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी थी।

तीसरा आरोपी दिल्ली स्पेशल सेल ने किया गिरफ्तार
हाल ही में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने मशहूर रैपर बादशाह के चंडीगढ़ स्थित क्लब पर बम फेंककर हुए हमले के मास्टरमाइंड दीपक को गिरफ्तार किया था। फरीदकोट निवासी दीपक का असली नाम कंडा बराड़ है। तीनों दिल्ली हथियार लेने आए थे और अगली वारदात के लिए गोल्डी के निर्देश का इंतजार कर रहे थे। क्लब पर हमले के बाद से ही पंजाब का दीपक फरार था। ये गोल्डी बराड़ के लगातार संपर्क में था। एप के जरिए उससे बात करता था। दीपक ने पूछताछ में बताया कि क्लब पर हमले के लिए गोल्डी ने ही हथियार, गोला बारूद व अन्य सामान का इंतजाम किया था।
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