पंचकूला। सोमवार सुबह हुई बारिश ने नगर निगम की जलभराव से निपटने के दावों की पोल खोल दी है। शहरवासियों को जलभराव की स्थिति का सामना न करना पड़े इसके लिए रोड गलियों की सफाई के लिए एक करोड़ रुपये के करीब 10 टेंडर निकाले गए थे, लेकिन सारे दावे हवा-हवाई होकर रह गए हैं। शहर में सोमवार सुबह कई जगह दो से तीन फुट तक पानी भर गया। सेक्टर-19 स्थित ओल्ड हाउसिंग कॉलोनी और हुडा के मकानों में बरसाती पानी अंदर तक घुस गया। कॉलोनी की गलियों ने नहर का रूप ले लिया। सेक्टर-19 में यह समस्या पहली बार नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी है, जिसे सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया। बदइंतजामी के चलते पानी घरों में घुस गया, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में खासी नाराजगी देखने को मिली। यही हाल अभयपुर क्षेत्र का भी था।
सेक्टर-19 से बाहर जाने वाले सभी रास्तों पर तीन फुट तक पानी भर गया था। सेक्टर के खेड़ा मंदिर के पास से बलटाना को जाने वाले रास्ते, फ्लाईओवर के पास निकलने वाले रास्ते पर भी तीन फुट तक पानी भर गया। सेक्टर-15 में भी बारिश ने निगम की पोल खोल दी। पार्किंग एरिया में दो फुट तक पानी भर गया। पार्किंग में खड़े वाहनों के टायर आधे डूब चुके थे। मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह समस्या काफी पुरानी है। हर बारिश में पानी रुक जाता है। सेक्टर-16 में बारिश से पानी कई घंटे तक रुका रहता है।
औद्योगिक क्षेत्र फेज-1, औद्योगिक क्षेत्र फेज-2, सेक्टर-10, सेक्टर-11, सेक्टर-15, सेक्टर-5 बस स्टैंड, बेला विस्टा, शालीमार चौक, लेबर चौक, सेक्टर-7, सेक्टर-8 चौक पर बारिश से बेहाल करने वाली स्थिति देखने को मिली। चौक से कार निकालने में लोगों के पसीने छूट गए। अधिकांश सेक्टरों में नालियों की सफाई खानापूर्ति के लिए ही हो रही है। ऊपरी तौर पर सड़क और नालियों की सफाई हो रही है, लेकिन नाली को गहराई तक साफ नहीं किया जा रहा। दूसरी तरफ कई सेक्टरों में गंदगी के साथ ही नालियां पूरी तरह से जाम हैं। इस कारण निकासी की समस्या है। स्थिति यह है कि मानसून की पहली बारिश में भी जगह-जगह पानी भरने की समस्या सामने आ रही है।