चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने पलवल से सोनीपत तक ऑरबिटल रेल कॉरिडोर के निर्माण का कार्य आरंभ करवाने के लिए राइट्स के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। हरियाणा रेल ढांचागत विकास निगम ने गुरुग्राम स्थित अपने कार्यालय में इस कॉरिडोर के निर्माण के लिए एक समझौता किया है।
मालूम हो कि गत 15 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गठित आर्थिक मामलों की केंद्रीय कैबिनेट कमेटी ने 5617 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पलवल से सोनीपत तक हरियाणा ऑरबिटल रेल कॉरिडोर की 121.742 किलोमीटर लंबी दोहरी विद्युतीकृत ब्रॉड गेज लाइन को स्वीकृति प्रदान की थी।
सरकार का मानना है कि कॉरिडोर के निर्माण का कार्य पूरा होने के बाद राज्य में सार्वजनिक आर्थिक विकास मजबूत होगा। बहुराष्ट्रीय कंपनियों को निर्माण इकाइयां स्थापित करने की ओर आकर्षित करेगा तथा मेड इन इंडिया मिशन को भी आगे बढ़ाएगा। इस परियोना से लगभग 76 लाख रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इसके अलावा, यह यात्री व माल गाड़ियों में दिल्ली में यातायत भार को कम करेगा।
पांच साल में पूरी होगी परियोजना
पलवल से सोनीपत तक का यह कॉरिडोर सोहना, मानेसर तथा खरखौदा तक दोहरा विद्युतीकृत ब्रॉड गेज होगा। पृथला डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को भारतीय रेलवे के पलवल, पाटली, सुलतानपुर, आसौदा तथा हरसाना कलां स्टेशनों से निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाएगा। यह परियोजना 5 वर्षों में पूरी होगी तथा इसके लिए एशियन आधारभूत संरचना निवेश बैंक द्वारा फंड उपलब्ध करवाया जाएगा।