चंडीगढ़। दिल्ली में हुई स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की बैठक में पीजीआई चंडीगढ़ में क्यू मैनेजमेंट सिस्टम को मंजूरी दे दी गई। इसके लिए आठ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस सिस्टम के लागू होने से मरीजों को सर्वाधिक लाभ होगा। मरीजों को अब न तो कार्ड खोने का डर रहेगा और न ही उन्हें कार्ड बनवाने के लिए लंबे समय तक लाइन में लगना होगा। क्यू सिस्टम के तहत पीजीआई के हर फ्लोर पर एटीएम की तरह मशीनें लगाई जाएंगी, जहां मरीज या उनके तीमारदार खुद जाकर कुछ ही देर में अपना कार्ड बना सकेंगे।
बता दें कि मरीजों और तीमारदारों को पीजीआई में सबसे अधिक दिक्कत कार्ड बनाने में ही झेलनी पड़ती है। यहां हर रोज हजारों की संख्या में मरीज पहुंचते हैं। हालात यह हैं कि घंटों लाइन में लगने के बावजूद कई मरीजों के कार्ड तक बन पाते। इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ही पीजीआई ने क्यू मैनेजमेंट सिस्टम का प्रस्ताव तैयार किया था। इसके तहत एटीएम की जैसी मशीनें हर फ्लोर पर लगाई जानी थीं लेकिन इसके लिए बजट पास स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी में पास होना था। प्रस्ताव दिल्ली पहुंचा तो अब उसे मंजूरी दे दी गई है। अब यह सिस्टम जल्द ही लागू हो जाएगा और मरीजों की आधी दिक्कतें दूर हो जाएंगी। इसके अलावा फीस जमा करने के लिए भी हर फ्लोर पर काउंटर बनाए जाएंगे। मरीज किसी भी काउंटर पर जाकर अपनी फीस जमा कर सकेंगे।
डिस्प्ले बताएगा किस मरीज को देखा जा रहा
योजना के तहत पीजीआई में ओपीडी रूम के बाहर डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाएगा। इस पर मरीजों को यह दिख जाएगा कि डॉक्टर कितने नंबर के मरीज को देख रहे हैं या कितने नंबर का कार्ड चल रहा है। इस बीच तीमारदार या मरीज अन्य कार्य अपने निपटा सकेंगे। इससे समय की बचत होगी। यह सिस्टम पहले पीजीआई में नहीं था। इसकी काफी समय से मांग भी चल रही थी। साथ ही पीजीआई ने भी इस समस्या को समझते हुए देरी नहीं की और प्रोजेक्ट में शामिल कर फाइनेंस कमेटी को मंजूरी के लिए भेज दिया था।
100 डॉक्टरों की तैनाती पर लगी मुहर
पीजीआई की ओर से पिछले दिनों 100 चिकित्सकों की भर्ती के लिए साक्षात्कार आदि किए गए थे लेकिन इन चिकित्सकों की भर्ती को फाइनल मंजूरी नहीं मिल पाई थी। बजट आदि पर फाइनेंस कमेटी को मुहर लगानी थी जो दिल्ली में लग गई। अब इन चिकित्सकों को अप्वाइंटमेंट लेटर आदि जारी हो जाएंगे। साथ ही कई प्रकार की फेलोशिप को भी कमेटी ने मंजूरी प्रदान की है। कुछ नए कोर्स संचालन के लिए भी मंजूरी मिली है।