दोस्त की बैंक में नौकरी लगने की खुशी में पार्टी कर पंजाब यूनिवर्सिटी हॉस्टल लौट रहे पुसू के प्रेसिडेंट सतविंदर सिंह की सड़क हादसे में मौत हो गई। वहीं, दोस्त जसमल सिंह उर्फ शैरी गंभीर रूप से जख्मी है। हादसा पीजीआई के गेट नंबर-2 के पास हुआ, जब सतविंदर बिना हेलमेट पहने नशे में बाइक चला रहा था।
मामले की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जख्मी हालत में पीजीआई पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने सतविंदर को मृत घोषित कर दिया, जबकि दोस्त जसमल का जीएमसीएच-32 में इलाज चल रहा है। सेक्टर-11 थाना पुलिस ने 174 के तहत मामले की छानबीन में जुट गई है। हादसा बुधवार देर रात का है।
पुलिस को सूचना मिली कि पीजीआई के गेट नंबर-2 के पास एक बाइक पोल से टकराई है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को पीजीआई पहुंचाया, जबकि मौके पर स्प्लेंडर बाइक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त थी। पुलिस जांच में सामने आया कि सतविंदर सिंह मूलरूप से पंजाब के मुक्तसर का निवासी है। वह पंजाब यूनिवर्सिटी में एमए सेकेंड ईयर का छात्र था।
सतविंदर सिंह पुसू का प्रेसिडेंट था। बताया गया कि जसमल (24) मूलरूप से फरीदकोट के झकरवाला निवासी है। उसकी चंडीगढ़ स्थित एक बैंक में नौकरी लगी है। इसकी खुशी में सतविंदर अपने दोस्त जसमल के साथ नयागांव स्थित एक ढाबे में पार्टी करने गया था। पुलिस के अनुसार, हादसे के वक्त सतविंदर नशे में बिना हेलमेट पहने ड्राइव कर रहा था, जिससे बाइक फिसलकर पोल से जा टकराई।
शव परिजनों को सौंपा
वीरवार को सुबह से पीजीआई स्थित मोर्चरी में दोस्तों और छात्रों का आना जाना लगा था। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि उनके बीच रहने वाला सतविंदर अब नहीं रहा। वहीं, दोपहर को सतविंदर का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस दौरान परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था।
सतविंदर घर का था इकलौता चिराग
पुसू पार्टी के प्रवक्ता हरदीप सिंह ने बताया कि सतविंदर का परिवार मुक्तसर के गांव खंडेवाल में रहता है, जबकि पिछले काफी समय से सतविंदर पंजाब यूनिवर्सिटी में हॉस्टल में रह रहा था। सतविंदर बहुत अच्छे स्वभाव का था। वह अपने घर का इकलौता चिराग था।
हेलमेट पहना होता तो बच सकती थी जान
पुलिस के अनुसार, हादसे के वक्त सतविंदर बाइक चला रहा था, जबकि उसका दोस्त जसमल पीछे हेलमेट लेकर बैठा हुआ था। बताया गया कि हादसा इतना जबरदस्त था कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। वहीं, पुलिस का कहना है कि अगर सतविंदर ने हेलमेट पहना होता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।