चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब पारंपरिक और उभरते हुए नए क्षेत्रों में यूके के साथ मजबूत व्यावसायिक साझेदारी के लिए इच्छुक है। राज्य ने सहयोग के पांच प्रमुख क्षेत्रों उच्च शिक्षा, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स, कृषि और फूड प्रोसेसिंग के साथ-साथ फार्मास्युटिकल एवं स्वास्थ्य सेवाएं, सूचना प्रौद्योगिकी और व्यावसायिक सेवाओं जैसे उभरते क्षेत्रों की भी पहचान की है।
सीएम मंगलवार को उद्योग भवन में पंजाब-यूके रणनीतिक संवाद सत्र की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। इस दौरान ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर अल्बा समैरिग्लियो व यूके से जुड़ीं विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
सीएम ने बताया कि राज्य में पांच हवाई अड्डों व मजबूत राष्ट्रीय राजमार्ग संपर्कों के साथ विश्वस्तरीय और सुदृढ़ कनेक्टिविटी नेटवर्क उपलब्ध है, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करता है। पंजाब के पास अत्यधिक कुशल कार्य बल है, जो हर क्षेत्र के विकास की कुंजी है। पंजाब तुलनात्मक रूप से किफायती और शांतिपूर्ण श्रम बल उपलब्ध कराता है, जो इसे निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाता है।
उन्होंने बताया कि राज्य में एकीकृत निवेश प्रणाली मौजूद है और इन्वेस्ट पंजाब सिंगल-विंडो सिस्टम के रूप में कार्य करता है, जो डीम्ड अप्रूवल तंत्र के साथ निर्धारित समय-सीमा में सभी आवश्यक मंजूरियां प्रदान करता है, जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत होता है।
मुख्यमंत्री ने यूके के निवेशकों को मोहाली में आयोजित होने वाले पंजाब प्रगतिशील निवेशक सम्मेलन (पीपीआईएस), 2026 में भाग लेने का आमंत्रण देते हुए इस दौरान एक विशेष यूके केंद्रित सत्र का प्रस्ताव रखा। सीएम के साथ उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा व अन्य अफसर मौजूद रहे।