पंजाब सरकार केंद्र की ओर से जारी अनलॉक 4.0 के तहत कोई भी छूट सूबे में लागू करने को तैयार नहीं है। रविवार को राज्य सरकार के आला अधिकारियों ने इस बात से साफ संकेत देते हुए बताया कि सोमवार को इस मद्दे पर चंडीगढ़ में बैठक होगी और राज्य सरकार कोरोना के बिगड़ते हालात को ध्यान में रखते हुए कोई भी छूट नहीं देगी। इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिखा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पंजाब में कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों, मौतों की संख्या और मेडिकल विशेषज्ञ कमेटी की राय के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 31 अगस्त तक के लिए राज्य में शाम 7 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू, वीकेंड (शनिवार और रविवार) को पूर्ण लॉकडाउन के अलावा बाजार बंद होने का समय शाम 6.30 बजे कर दिया है। इसके साथ ही प्रदेश में धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक किसी भी तरह की भीड़ वाले आयोजनों पर भी इस चेतावनी के साथ रोक लगाई गई है कि भीड़भाड़ वाला आयोजनकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राज्य सरकार ने विवाह समारोहों में 30 और अंतिम संस्कार के मौके पर 20 से अधिक लोगों के एकत्र होने पर भी रोक लगाई है। वहीं, केंद्रीय गृह विभाग की ओर से शनिवार को जारी अनलॉक 4.0 के तहत धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक, विवाह समारोहों आदि में 100 लोगों के एकत्र होने की छूट दे दी है। देश भर में बार खोलने का भी आदेश दिया गया है। वहीं स्कूलों को बंद रखते हुए 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूलों में जाने की छूट दे दी है। पचास फीसदी टीचरों को भी स्कूलों में हाजिर होने की छूट दी गई है।
दूसरी और, पंजाब में कोरोना पीड़ितों की संख्या 50 हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है और मरने वालों की संख्या भी 1500 के करीब पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से सोमवार को ही केंद्र सरकार को पत्र भेजा जाएगा और पंजाब में कोरोना के हालात का जिक्त्रस् करते हुए लॉकडाउन के तहत सख्ती जारी रखने की अपील की जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री मौजूदा हालात में किसी तरह की छूट देने के मूड में नहीं हैं। राज्य सरकार स्कूल-कालेजों को पूरी तरह बंद रखने के साथ ही रात का कर्फ्य भी जारी रखेगी। प्रदेश में लागू धारा 144 को हटाया नहीं जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार की बैठक में सरकार अनलॉक 4.0 पर विचार-विमर्श के बाद फैसला लेगी।