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Panchkula News: 1998 से अटके दशमेश नहर प्रोजेक्ट को पंजाब सरकार की हरी झंडी

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चंडीगढ़। मालवा नहर के बाद पंजाब की भगवंत मान सरकार ने 1998 से अटके दशमेश नहर को हरी झंडी दिखाते हुए सरकारी प्रक्रियाओं को पूरा करने की पहल कर दी है। दशमेश नहर प्रोजेक्ट के जरिये रूपनगर, फतेहगढ़, मोहाली और पटियाला के क्षेत्र में लाखों एकड़ जमीन को सिंचाई का पानी उपलब्ध होगा। पंजाब के जल स्रोत विभाग के सचिव ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को लेकर 1998 में रूपरेखा बननी शुरू हुई थी, लेकिन अब तक नहर के निर्माण को लेकर जरूरी कदम नहीं उठाए गए। विभाग के अफसरों के अनुसार दशमेश नहर प्रोजेक्ट की जो रूपरेखा तैयार की थी, उसके अंतर्गत यह नहर सतलुज-यमुना लिंक के साथ-साथ रूपनगर, फतेहगढ़ और मोहाली के क्षेत्र से गुजरनी थी। एसवाईएल प्रोजेक्ट सिरे न चढ़ने के कारण यह प्रोजेक्ट भी ठंडे बस्ते में चला गया। अब सीएम भगवंत मान ने रूपनगर, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और मोहाली के जिला प्रशासन को तहसीलदारों से 58 गांवों के बीच से होकर गुजरने वाली इस नहर के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर रिकॉर्ड पेश करने के लिए कहा है, ताकि किसानों की जमीन अधिग्रहण कर उन्हें उचित मुआवजा देकर नहर का निर्माण कार्य पूरा किया जा सके। रिकॉर्ड हासिल करने के लिए नहर पटवारियों की ड्यूटी लगाई गई है। 3.21 लाख एकड़ जमीन की होगी सिंचाई
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डेराबस्सी के विधायक ने इस वर्ष बजट सत्र में पंजाब विधानसभा में भी डेराबस्सी के गांवों में नहरी पानी की समस्या को लेकर मुद्दा उठाया था। यहां तक कि होशियारपुर के उप मंडल अधिकारी ने नहरी पानी की उपलब्धता न होने के कारण कई गांवों में सूखे की स्थिति से जूझने को लेकर रिपोर्ट दी गई थी। मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और रूपनगर में इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से 3.21 लाख एकड़ जमीन को सिंचाई के लिए नहरी पानी उपलब्ध होगा।
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