चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने बासमती चावल की खेती में 12 कीटनाशकों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन कीटनाशकों के अवशेष चावल में अधिक मात्रा में पाए जाने से निर्यात पर प्रभाव पड़ सकता है, जिसके चलते यह फैसला लिया गया है।
राज्यपाल की मंजूरी के बाद इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं, जो 1 अगस्त से 60 दिन के लिए प्रभाव मेंं रहेंगे। इस दौरान इन कीटनाशकों की बिक्री, वितरण और उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। कृषि विभाग ने किसानों से इनकी जगह अन्य कीटनाशकों के उपयोग की सिफारिश की है। विभाग का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले बासमती चावल का उत्पादन सुनिश्चित करना है जिसमें कोई अवशेष प्रभाव न हो। जिन कीटनाशकों पर प्रतिबंध लगाया गया है उनमें ऐसिफेट, बुप्रोफेजिन, क्लोरपाइरीफोस, प्रोपिकोनाजोल, थायमेथोक्सम, प्रोफेनोफोस, कार्बेंडाजिम, ट्राईसाइक्लाजोल, टेबुकोनाजोल, कार्बोफ्यूरान, इमिडाक्लोप्रिड और हेक्साकोनाजोल शामिल हैं।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) ने बासमती चावल के कीटों को नियंत्रित करने के लिए वैकल्पिक कीटनाशकों की सिफारिश की है। साथ ही पंजाब राइस मिलर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने भी इन कीटनाशकों के अवशेषों के अधिक मात्रा में पाए जाने की रिपोर्ट दी है।