चंडीगढ़। ब्लड बैंकों में हो रही धांधली को लेकर लिए गए संज्ञान मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा और पंजाब सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। दोनों को यह भी बताना होगा कि अभी तक धांधली रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं और दोषियों पर क्या कार्रवाई की है। जालंधर के गुलाब देवी अस्पताल के ब्लड बैंक में धांधली सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया था और याचिका का दायरा बढ़ाते हुए हरियाणा सरकार को भी प्रतिवादी बनाया था।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने डिफॉल्टर ब्लड बैंकों की धांधली को लेकर संज्ञान लेते हुए सुनवाई आरंभ की थी। याचिका जब दोबारा सुनवाई के लिए पहुंची तो हाईकोर्ट ने इस मामले में दोनों राज्यों में की जा रही जांच पर सवालिया निशान खड़े कर दिए। कोर्ट ने कहा कि अभी तक सरकार के रुख से उनके इस विषय में गंभीर होने का पता नहीं चल रहा है। हर बार कोर्ट के आदेश पर केवल जांच रिपोर्ट सौंप जिम्मेदारी पूरी मान ली जाती है। अभी तक कोर्ट को यह नहीं बताया गया कि धांधली के आरोेपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। साथ ही इस प्रकार की धांधली भविष्य में न हो इसे सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
कोर्ट ने कहा कि खून लोगों की जान बचाने के लिए बेहद जरूरी होता है और इसी खून से लोगाें की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। पुलिस की अभी तक की कार्रवाई से ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। हाईकोर्ट ने कहा कि अब इस मामले में दोनों राज्यों को एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करनी होगी।