सेक्टर-15 में लाखों खर्च के बाद भी बदहाल हैं दोनों सार्वजनिक शौचालय, निरीक्षण के बावजूद नहीं हुआ सुधार
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-15 में करीब 15 वर्ष पहले बनाए गए सार्वजनिक शौचालय आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बदहाल पड़े हैं। पानी और नियमित सफाई की व्यवस्था नहीं होने से लोग इनका उपयोग करने से बचते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर निगम के निरीक्षण और आश्वासनों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
वार्ड नंबर-5 स्थित सार्वजनिक शौचालय लंबे समय से लोगों की परेशानी का कारण बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार शौचालय बनने के बाद से ही यहां कभी पानी की कमी रही तो कभी सफाई व्यवस्था चरमराई रही। गर्मियों के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं। बदबू और गंदगी के कारण आसपास से गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। इसका सबसे अधिक असर महिलाओं, बुजुर्गों और बाजार आने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
दूसरा शौचालय भी नहीं दे रहा राहत
स्थानीय लोगों ने बताया कि इसके साथ बना दूसरा सार्वजनिक शौचालय कुछ समय पहले पुनर्निर्मित किया गया था। इस पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन निर्माण के कुछ समय बाद ही वहां भी दरवाजे टूट गए, नल खराब हो गए और सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई। नतीजतन दोनों शौचालय लोगों की जरूरतों को पूरा करने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
लोगों ने सुनाई परेशानी
स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने कहा कि लगभग 20 हजार की आबादी वाले सेक्टर में केवल दो सार्वजनिक शौचालय हैं और दोनों ही बदहाल स्थिति में हैं। वहीं गृहिणी सुनीता देवी ने कहा कि महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। मजबूरी में उन्हें घर लौटना पड़ता है या दुकानों में शौचालय की सुविधा तलाशनी पड़ती है।
निरीक्षण हुआ, लेकिन सुधार नहीं
मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान विजय शर्मा ने बताया कि कुछ माह पहले नगर निगम के अधिकारी शौचालयों का निरीक्षण करने पहुंचे थे। अधिकारियों ने मौके पर कमियों को देखकर जल्द सुधार का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न पानी की व्यवस्था बेहतर हुई और न ही नियमित सफाई शुरू हो सकी। लोगों का आरोप है कि निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर रह गया। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से दोनों सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत, नियमित सफाई और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि लोगों को मूलभूत सुविधा का लाभ मिल सके।