पंजाब यूनिवर्सिटी के सेमेस्टर एग्जाम की शुचिता खतरे में है। एग्जाम सेंटर के कमरों के बाहर बड़ी संख्या में पर्चियां मिल रही हैं। यहां से मिली जानकारी के मुताबिक परीक्षा में नकल होने का पूरा अंदेशा है।
अब सवाल खड़ा हो गया है कि पीयू पंजाब के कॉलेजों में परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए लाखों रुपये खर्च करके फ्लाइंग स्क्वाड टीम भेजी जा रही है। लेकिन पीयू के खुद के कैंपस में ही परीक्षा की गोपनीयता ठीक नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, पीयू कैंपस में फुल टाइम फ्लाइंग स्क्वाड की जरूरत है।
पीयू के स्टूडेंट सेंटर के नजदीक इमर्जिंग एरिया की बिल्डिंग है। यहां 4-5 विभागों को एक साथ जगह दी गई है। यहां इन विभागों के स्टूडेंट़्स की सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं। पिछले 3-4 दिन में इस भवन की खिड़कियों के बाहर लोगों ने फोटो स्टेट की हुई सामग्री जीरो साइज में देखी हैं, जो बड़ी संख्या में हैं। कुछ पर्चियां स्टूडेंट़्स ने उठाई तो कुछ वहीं रह गईं। इसके अलावा इस भवन के शौचालय में भी बड़ी संख्या में नकल की पर्चियां पड़ी हुई हैं।
जानकारों का कहना है कि इन जगहों पर पर्चियां मिलने से स्पष्ट है कि ये नकल के लिए ले जाई गई थीं। अब वह पर्चियां स्टूडेंट़्स अपने साथ ले गए या नहीं, यह जांच का विषय है। पीयू में बुधवार को यह मामला सार्वजनिक हुआ तो चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं पीयू प्रशासन भी मामले की जांच कराने को तैयारी कर रहा है।
स्मार्ट वॉच के जरिये नकल करने की चर्चा
पीयू के एक भवन में स्टूडेंट के पास स्मार्ट वॉच मिली। उस वॉच में काफी नोट्स मिले हैं। कक्ष निरीक्षक ने उसे पकड़ा और उसकी वॉच उतरवा ली गई। इसके साथ ही हल किए गए प्रश्नों को भी वॉच के नोट्स से मैच किया गया। यह बात भी दिनभर पीयू में चर्चा बनी रही। हालांकि स्टूडेंट को एग्जाम में बैठे रहने की अनुमति दे दी गई। बताते हैं कि स्मार्ट वॉच की कीमत 35 हजार रुपए है और यह वॉच कम कंप्यूटर ज्यादा है।
मैंने संबंधित लोगों से इसकी जानकारी ली है, उन्होंने बताया है कि स्टूडेंट़्स को एग्जाम से पहले कहा जाता है कि अगर कोई नकल के लिए सामग्री उनके पास हैं तो वह बाहर छोड़ आएं, वहीं पर्चियां बाहर पड़ी होंगी या फिर कोई शरारती तत्व की हरकत भी हो सकती है। परीक्षा में नकल नहीं हो रही है, फिर भी हम मामले की जांच करवाएंगे।
- प्रो. शंकरजी झा, प्रभारी वाइस चांसलर