चंडीगढ़। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस एजी मसीह पर आधारित बेंच ने सिंगल जज के आदेशों के खिलाफ दाखिल हुई अपील को स्वीकार करते हुए वर्ष 2017 में आयोजित हुए पंजाब स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट-1 (पीएसटीईटी-1) में शामिल सभी अभ्यर्थियों को एक ग्रेस मार्क देने के आदेश दिए हैं। ग्रेस मार्क का एक नंबर 10 नवंबर को होने वाले ईटीटी के आवेदन में भी लागू माना जाएगा जो उम्मीदवार एक नंबर मिलने के बाद ईटीटी के लिए निर्धारित अंक पूरे करता है तो उसका आवेदन स्वीकार किया जाएगा।
सुरेश कुमार और अन्य ने हाईकोर्ट के सिंगल जज के फैसले के खिलाफ अपील दाखिल की थी। याची पक्ष की वकील अलका चतरथ ने कोर्ट को बताया कि 2017 में हुए पीएसटीईटी में प्रश्न नंबर 96 अंग्रेजी में सही था लेकिन पंजाबी में दिए गए प्रश्न पत्र में वह प्रश्न अधूरा था। इसके चलते पंजाबी में परीक्षा देने वालों को एक नंबर का नुकसान हो गया। सिंगल जज ने आदेशों में दिए गए नियमों का हवाला देते हुए अंग्रेजी वाला प्रश्न ही स्वीकार किया था जिसके चलते पंजाबी में परीक्षा देने वाले परीक्षार्थी एक नंबर से वंचित हो गए और ईटीटी के आवेदन के अयोग्य करार दे दिए गए। नियमों में लिखा गया है कि अगर किसी प्रश्न को लेकर की असमंजस की स्थिति बनती है तो अंग्रेजी वाला प्रश्न ही मान्य होगा।
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले को आधार मानते हुए अपील स्वीकार करते हुए सिंगल बेंच के आदेशों में संशोधन करते हुए पंजाबी भाषा में वर्ष 2017 में पीएसटीईटी परीक्षा देने वाले सभी उमीदवारों को एक नंबर का ग्रेस देने के आदेश जारी कर दिए हैं।