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12 घंटे में रीफिल करें होम आइसोलेशन के मरीजों को ऑक्सीजन

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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने सभी उपायुक्तों को जिले के अस्पतालों में उपचाराधीन कोविड मरीजों का डाटा निरंतर निर्धारित पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ये सुनिश्चित करने को कहा है कि होम आइसोलेशन के मरीजों का ऑक्सीजन सिलिंडर 12 घंटे के अंदर उपलब्ध हो जाए।
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मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी उमाशंकर और अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ अमित अग्रवाल ने उपायुक्तों को यह निर्देश दिए हैं। उमाशंकर आज यहां से वीसी के माध्यम से ऑक्सीजन सिलिंडरों की होम डिलीवरी के संबंध में आयोजित उपायुक्तों और नोडल अफसरों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड मरीजों एवं अन्य बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडर रीफिल की होम डिलीवरी किसी भी सूरत में 12 घंटे से ज्यादा समय तक पेंडिंग नहीं रहनी चाहिए। ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें कि जिस मरीज के लिए सिलिंडर का आवेदन एक बार आ जाए, उसे अगले सिलिंडर की आपूर्ति समय से हो जाए। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई सिलेंडर आपूर्ति की इस योजना का दुरुपयोग न करे। इसके लिए जिसके पास से आवेदन आया है, उसे फोन करके सुनिश्चित करे कि सिलिंडर सही जगह पहुंचा है या नहीं।
तत्काल निर्णय लेने का समय
वी. उमाशंकर ने कहा कि यह समय लोगों को तत्काल सहायता पहुंचाने का है। ऑक्सीजन सिलिंडर की रीफिलिंग में कोई दिक्कत आने पर तत्काल निर्णय लें और मुख्यालय पर इसकी सूचना भी तुरंत दी जाए ताकि समय से उचित और कारगर व्यवस्था हो सके। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों का हेल्थ स्टेटस जानने के लिए मेडिकल ऑफिसर्स को घर-घर भेजा जाए और आवश्यक होने पर गंभीर मरीज को अस्पताल में एडमिट कराएं। उन्होंने बीपीएल परिवारों के कोविड ग्रस्त मरीजों का डाटा भी प्रतिदिन एचआरहील पर अपडेट कराने के निर्देश दिए ताकि बीपीएल के लिए सरकार द्वारा कोविड काल के लिए घोषित वित्तीय लाभ संबंधित को दिया जा सके।
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पोर्टल पर मरीजों की संख्या ज्यादा भरी जा रही
डॉक्टर अमित अग्रवाल ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि कोविड मरीजों का सही डाटा समय से निर्धारित पोर्टल पर अपडेट कराएं और साथ ही अपने स्तर भी चेक करें कि डाटा सही हो। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों से पोर्टल पर मरीजों की संख्या ज्यादा भरे जाने की बात प्रकाश में आई है। उन्होंने कहा कि बीच-बीच में मुख्यालय से भी चेक किया जा रहा है, उसी चेकिंगे के दौरान यह बात ध्यान में आई है।
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