प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां कर्मचारी महासंघ हरियाणा और सर्व कर्मचारी संघ के सदस्य बुधवार को सेक्टर-5 स्थित धरना स्थल पर एकत्रित हुए। अपनी मांगों का ज्ञापन सौपने के लिए चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। चंडीगढ़ पुलिस ने मौलीजागरां के पास उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। तीन घंटे तक कर्मचारियों ने मार्ग पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदेशाध्यक्ष भगवंत शर्मा ने बताया कि सरकार को नींद से उठाने के लिए प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में सहकारी बैंकों द्वारा गलत तरीके से अपने आपको लाभ में दिखाने के लिए समितियों से लगभग चार हजार करोड रुपये लूटा गया है। उसे ब्याज समेत वापस दिलवाया जाए। ब्याज की गणना सरकारी बैकों द्वारा आरसीएस के पत्रों के अनुसार कराई जाए। किसानों के लिए क्रेडिट कार्ड की सीमा तीन लाख रुपये तक करवाई जाए जो कि 2015 में इसके लिए पत्र जारी हो चुका है।
पैक्स कर्मचारियों की उच्च न्यायालय के आदेशानुसार रजिस्ट्रार द्वारा गठित कमेटी की रिपोर्ट 7वें वेतन आयोग के अनुसार लागू की जाए। सरकारी बैंकों में पहले की तरह पदोन्नति बहाल की जाए। 2009 में कर्ज माफी का ब्याज 174 करोड़ रुपये समितियों को वापस किया जाए। समितियों को बचाने के लिए ओटीएस स्कीम लागू की जाए। रोजगार सहित एक्सग्रेसिया स्कीम लागू की जाए। पैक्स के महासचिव सुरेन्द्र राणा ने बताया कि मुख्यमंत्री के ओएसडी से मुलाकात करवाई गई थी। जिस पर सरकार की ओर से वीरवार तक उनकी मांगों पर गौर करके पूरा करने का आश्वासन दिया गया है।
प्रदर्शन में फंसे स्कूल बच्चे
प्रशासन, नगर निगम व पुलिस की ओर से लोगों की सुविधा को दिखते हुए वैकल्पिक रास्ता बनाया गया है ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। अगर बुधवार को चंडीगढ़ की तरफ से पंचकूला के सेक्टरों में आने के लिए हाउसिंग बोर्ड से यू टर्न लेकर चंडीगढ़ की ओर मुड़ना था। 500 मीटर की दूरी पर स्थित मौलीजागरां राउंड अबाउट से पंचकूला सेक्टर-17 व 18 सड़क से पंचकूला में प्रवेश कर चंडीगढ़ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शन करने वालों ने सेक्टर-17 व 18 की रोड पर करीब चार घंटे तक अपनी मांगो को लेकर धरना दिया। इस दौरान चंडीगढ़ जाने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। उन्हें चंडीगढ़ जाने के लिए पंचकूला के सेक्टर-6 व 7 की रोड से होकर सिंह द्वार के नजदीक से गुजरना पड़ा। वहीं, कुछ लोग सेक्टर-17 के फ्लैट के साथ लगते रास्ते से होते हुए राजीव कालोनी के रास्ते जाम में फंसे रहे। इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल बच्चों को उठानी पड़ी।