हैफेड कर्मचारी यूनियन ने बुधवार को मांगों को लेकर हैफेड मुख्यालय के गेट पर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। यूनियन के राज्य प्रधान अशोक सिहाग, चीफ पैटर्न सुरेंद्र सिंह, चेयरमैन जसबीर सिंह और महासचिव सुखबीर सिंह की अगुवाई में दोपहर को सभी कर्मचारी गेट पर एकत्रित हुए और मांगों को पूरा करने का अल्टीमेटम दिया।
सिहाग एवं सुखबीर सिंह ने बताया कि हैफेड प्रबंधन में कर्मचारियों के प्रतिनिधि को शामिल किया जाए। इसके साथ ही हैफेड में जो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दसवीं पास है, उनको हैफेड के सेल सेंटरों पर सेल्समैन, क्लर्क गोदामों पर एएफआइ के पद पर नियुक्त किया जाए। इसके साथ ही दो हजार रुपये मासिक अतिरिक्त वेतन दिया जाए।इसके साथ ही आउटसोर्सिंग द्वारा लगाए गए एएफआई व रिटायर्ड कर्मचारियों को हटाया जाए और हैफेड में खाली पदों पर कर्मचारियों को प्रमोशन देकर उनको भरा जाए।
सुखबीर सिंह ने बताया कि प्राकृतिक विपदा से गेहूं के नॉर्म पूरे न होने पर गेहूं का गेन माफ किया जाए और इस कारण जो कर्मचारियों की चार्जशीट बनी हुई, तो उसको समाप्त किया जाए व हैफेड फील्ड के सेंटरों पर टीए की नियुक्ति की जाए।
इसके अलावा पीइजी गोदामों व हैफेड के स्टोरेज/गोदामों एवं पलिंथों की पोलिसी को एक समान बनाने, वर्ष 2012 से 2015 तक करोड़ों रूपए के घोटाले की जांच यूनियन के प्रतिनिधि को साथ लेकर हो व कैग से ऑडिट करवाया जाए। इस मौके पर यूनियन के पूर्व प्रधान अनिल सिहाग, धर्मपाल छाछिया एवं अन्य नेता मौजूद थे।