हाईकोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि शहर में लगातार वेश्यावृत्ति के मामले बढ़ रहे हैं। कोर्ट ने प्रशासन से शहर में चल रहे स्पा सेंटरों के बारे में जानकारी मांगी तो बताया गया कि वर्तमान में 71 स्पा सेंटर चल रहे हैं। इसके साथ ही बताया गया कि 2018 से लेकर अब तक वेश्यावृत्ति के 16 मामले दर्ज हुए हैं जिनमें से 5 ऐसे हैं जो 2023 में ही दर्ज हुए हैं।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने वेश्यावृत्ति के मामले में गिरफ्तार स्पा/मसाज सेंटर के मालिक की जमानत याचिका को रद्द करते हुए यूटी प्रशासन को आदेश दिया है कि दिल्ली की तर्ज पर ही इन सेंटरों के लिए नियम बनाने पर विचार किया जाए। हाईकोर्ट ने इस दौरान शहर में बढ़ रहे वेश्यावृत्ति के मामलों पर भी चिंता जताई है। वर्तमान में चंडीगढ़ में 71 स्पा सेंटर चल रहे हैं। इसके साथ ही बताया गया कि 2018 से लेकर अब तक वेश्यावृत्ति के 16 मामले दर्ज हुए हैं जिनमें से 5 ऐसे हैं जो 2023 में ही दर्ज हुए हैं।
याचिका दाखिल करते हुए स्पा सेंटर मालिक नागराज ने सेक्टर 36 में वेश्यावृत्ति व अन्य धाराओं में दर्ज एफआईआर में अग्रिम जमानत की मांग की थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई करते हुए सभी नियमों का पालन नहीं किया गया। आस-पास के लोगों को कार्रवाई में शामिल नहीं किया गया और सही मंजूरियां भी नहीं ली गईं। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि इस मामले में वुमन हेल्पलाइन की टीम को साथ में लेकर कार्रवाई को पूरा किया गया था। इसके साथ ही गिरफ्तारी की मंजूरी के लिए मजिस्ट्रेट को आवेदन किया गया था जिसने मंजूरी दे दी थी। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि टीम की ओर से नियमों का पालन करने में कोई चूक हुई है।
विज्ञापन
याची पर बेहद गंभीर आरोप
कोर्ट ने कहा कि स्पा सेंटर में छापे के दौरान कई लड़कियां, स्टाफ व कस्टमर हिरासत में लिए गए थे। पकड़ी गई लड़कियों ने बयान में बताया था कि उन्हें जालंधर से स्पा में मसाज का काम बता कर चंडीगढ़ लाया गया था और बाद में इस गलत काम में डाल दिया गया। इसके अतिरिक्त स्टाफ ने भी अवैध गतिविधियों की बात स्वीकार की है। याची पर बेहद गंभीर आरोप हैं और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ जरूरी है ताकि इन अवैध गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सके। इसके साथ ही आरोपों पर फैसला लेना ट्रायल कोर्ट का काम है।
बढ़ते मामलों पर कोर्ट ने जताई चिंता
केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि शहर में लगातार वेश्यावृत्ति के मामले बढ़ रहे हैं। कोर्ट ने प्रशासन से शहर में चल रहे स्पा सेंटरों के बारे में जानकारी मांगी तो बताया गया कि वर्तमान में 71 स्पा सेंटर चल रहे हैं। इसके साथ ही बताया गया कि 2018 से लेकर अब तक वेश्यावृत्ति के 16 मामले दर्ज हुए हैं जिनमें से 5 ऐसे हैं जो 2023 में ही दर्ज हुए हैं। इन आंकड़ों को देखते हुए हाईकोर्ट ने हैरानी जताई कि शहर में इन सेंटरों के संचालन से जुड़े दिशा निर्देश मौजूद नहीं हैं। ऐसे में कोर्ट ने अब दिल्ली की तर्ज पर चंडीगढ़ को इसके लिए दिशा निर्देश तैयार करने पर विचार करने का आदेश दिया है।