पंचकूला। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की फाइल पर कलम चलते ही पंचकूला सेक्टर-32 में बनने वाले स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की बिल्डिंग को गति मिल जाएगी। जहां बिल्डिंग का निर्माण किया जाना है, उसके लिए 10 एकड़ जमीन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से नहीं मिली है। इसके एवज में एचएसवीपी बोर्ड से करीब 80 करोड़ रुपये मांग रहा है। इसकी मंजूरी के लिए टेक्निकल एजुकेशन बोर्ड ने हरियाणा के सीएम को प्रस्ताव की फाइल भेज दी है। वहीं, प्रोजेक्ट से जुड़ा डीपीआर भी अभी तक तैयार नहीं हो पाया है। इसके लिए अभी बैठक होनी है।
जमीन पर 165 करोड़ रुपये से बनेगी बिल्डिंग
दस एकड़ जमीन पर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की बिल्डिंग 165 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होनी है। इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने के बाद तीन साल का समय लगेगा। अभी बीटेक की कक्षाएं पंचकूला सेक्टर-26 के पॉलिटेक्निक कॉलेज में चल रही हैं। जब तक कॉलेज की बिल्डिंग नहीं बन जाती, तब तक ये विद्यार्थी यहीं शिक्षा ग्रहण करेंगे। अभी अकादमिक वर्ष में सीटों की संख्या 180 है। यहां इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के कोर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी और रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन में बीटेक करवाई जा रही है। बिल्डिंग का काम जल्द शुरू नहीं हुआ तो आने वाले समय में विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि हर साल विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।
आठ माह में एक कदम भी नहीं बढ़ा टेक्नोलॉजी विभाग
आठ माह पहले सीएम ने स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की बिल्डिंग की आधारशिला रखी थी। जमीन नहीं मिलने से टेक्निकल एजुकेशन बोर्ड एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा पाया है। इस कॉलेज का निर्माण दो लाख वर्ग फीट में होगा। इसमें स्टेट ऑफ आर्ट रूम, एआईसीटीई के मानकों के अनुसार क्लास रूम, लैब, अनुसंधान प्रयोगशाला बनेंगी। छात्रों के लिए हॉस्टल की व्यवस्था भी रहेगी।