संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद/फिरोजपुर। प्रोजेक्ट आस अब युवाओं के लिए जीवन की नई उम्मीद बनकर उभर रहा है। इसी क्रम में वीरवार जलालाबाद में एक ऑउटरीच कैंप का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग नशा छोड़ने की इच्छा से आए और अपनी पंजीकरण प्रक्रिया पूरी की है।
इस अवसर पर डीसी अमरप्रीत कौर संधू ने कहा कि नशा एक बीमारी है और इसका इलाज संभव है। उन्होंने अपील की कि नशे से पीड़ित व्यक्ति इलाज के लिए आगे आएं। इलाज पूरी तरह मुफ्त है, पीड़ित की पहचान गोपनीय रखी जाती है, और इलाज के इच्छुक व्यक्ति से कोई अनावश्यक पूछताछ नहीं की जाती।
एसएसपी गुरमीत सिंह ने कहा कि पुलिस द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के कारण नशे की आपूर्ति में कमी आई है। अब पुलिस पीड़ितों को इलाज के लिए प्रेरित कर रही है ताकि वे फिर से सामान्य जीवन जी सकें और उनके परिवारों की खुशियां लौट सकें। एसएसपी ने बताया कि कैंप में 28 व्यक्तियों ने मौके पर ही नशा छोड़ने का संकल्प लिया और अपना पंजीकरण करवाया। इन सभी का इलाज स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मुफ्त किया जाएगा।