चंडीगढ़। हरियाणा राज्य फार्मेसी काउंसिल में भ्रष्टाचार का खुलासा होने के बाद जहां प्रधान धनेश अदलखा और रजिस्ट्रार वर्मा फरार चल रहे हैं। वहीं, अब प्रधान की कथित पीए महिला कर्मी काउंसिल के इमेल आइडी से संबंधित पासवर्ड लेकर चली गई है। इसे काउंसिल का कंप्यूटर से जुड़ा सारा कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। यह जानकारी काउंसिल के पूर्व प्रधान केसी गोयल की आरटीआई के जवाब में काउंसिल के सुपरिंटेंडेंट सतपाल गर्ग ने दी है। गर्ग ने बताया है कि पिछले 10 दिन से यह महिला कर्मचारी ना तो कार्यालय में आई और ना ही किसी का फोन उठा रही है। काउंसिल की आईडी और पासवर्ड उसी के पास थे।
काउंसिल के पूर्व प्रधान और सदस्य केसी गोयल ने एक आरटीआई लगाकर पिछले 3 साल में काउंसिल कार्यालय को चलाने के लिए पास किए गए बजट, रजिस्ट्रेशन से संबंधित रिकॉर्ड और धनेश अदलखा के प्रधान बनने के लिए हुई बैठक की प्रोसिडिंग की जानकारी मांगी थी। इस पर सुपरिंटेंडेंट सतपाल गर्ग ने मामले में जवाब दिया है कि हरियाणा राज्य चौकसी ब्यूरो द्वारा एफआईआर दर्ज करने के बाद महिला ने कार्यालय छोड़ दिया है। कर्मचारियों की कमी चलते काउंसिल का कार्य प्रभावित हो रहा है। काउंसिल के सुपरिंटेंडेंट सतपाल गर्ग ने लिखा है कि वह बीमार चल रहे थे, इसलिए आफिस नहीं आ पा रहे थे।
केसी गोयल ने आरोप लगाया कि काउंसिल के तथाकथित कर्मचारी भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं और आज भी कार्यालय में आ रहे हैं। केसी गोयल ने आशंका जताई है कि काउंसिल में कई फाइलों को इधर से उधर करने और जलाने की कोशिश की जा सकती है, इसलिए तुरंत प्रभाव से काउंसिल कार्यालय प्रशासनिक तौर पर टेकओवर करने की भी आवश्यकता है। पूर्व प्रधान केसी गोयल ने मामले में विजिलेंस ब्यूरो के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर को लिखे पत्र में मांग की है कि प्रधान अदलखा और राजकुमार वर्मा की गिरफ्तारी जल्द की जाए और शेष दलालों को भी सलाखों के पीछे डाला जाए। साथ ही पूरे रिकॉर्ड की जांच कराई जाए।