पंचकूला। पशुओं के इलाज के लिए गांव सुखदर्शनपुर में नगर निगम पशु चिकित्सालय बनाएगा। यह चिकित्सालय चार करोड़ की लागत से कैनल हाउस में ही बनाया जाएगा। इस प्रस्ताव पर नगर निगम सदन की मुहर भी लग चुकी है। जैसे ही हरियाणा स्थानीय शहरी निकाय विभाग हरी झंडी देगा चिकित्सालय की तैयारी शुरू हो जाएगी। नगर निगम के अधिकारियों को चिकित्सालय बनाने के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। क्योंकि गांव सुखदर्शनपुर में बिल्डिंग पहले से ही बनी हुई है, चार टीन के शेड भी तैयार हैं। जिनमें पशुओं को रखने की व्यवस्था करनी होगी।
गांव सुखदर्शनपुर कैनल हाउस के एक छोटे से हिस्से में अभी केवल स्ट्रीट डॉग का स्टरलाइजेशन किया जा रहा है। इस बिल्डिंग का आधे से ज्यादा हिस्सा खाली पड़ा है, जिसमें पशुओं के विशेषज्ञ डॉक्टर को बैठाया जाएगा। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि अभी कोई पशु चिकित्सालय न होने से उन्हें कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। शहरवासी फोन पर सूचना देते हैं कि यहां पशु बीमार पड़ा। टीम उसे उठाकर निजी गोशाला में पहुंचाती है। कई बार समय पर इलाज न होने के कारण पशुओं की मौत हो जाती है, लेकिन चिकित्सालय बनने से इस तरह की परेशानी से निजात मिल जाएगी।
गोशाला को निगम देगा तीन लाख
गांव सुखदर्शनपुर में बनी माधव गोधाम गोशाला को नगर निगम प्रतिमाह तीन लाख रुपये देगा। इस प्रस्ताव को भी नगर निगम सदन की बैठक में हरी झंडी मिल गई है। लेकिन, इसके बदले में गोशाला प्रबंधन को शहर में घूमने वाले सांड़ को भी रखना होगा। सदन की बैठक में यह भी तय हुआ है कि गोशाला में 12 सौ पशु रखने की क्षमता है। उसे एक माह के अंदर यह संख्या पूरी करनी होगी। यदि गोशाला प्रबंधन ऐसा करता है तो शहर लावारिस पशुओं के आतंक से मुक्त हो सकता है।
गांव सुखदर्शनपुर में पशु चिकित्सालय खोलने का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव पर पार्षदों ने भी सहमति जता दी है। इसे अब पास करवाने के लिए निकाय विभाग को भेज दिया गया है। जैसे ही फाइल पर मुहर लगेगी कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। पशु चिकित्सालय के बनने से निगम की बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा। अभी इलाज के लिए निगम की टीम को गोशाला का सहारा लेना पड़ता है। - कुलभूषण गोयल, मेयर नगर निगम पंचकूला।