पंचकूला। सड़क दुर्घटना से लोगों को बचाने के लिए डीसीपी मोहित हांडा ने मंगलवार को रोड सेफ्टी मीटिंग की। मीटिंग के दौरान सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए कई बिंदुओं पर चर्चा की। डीसीपी मोहित हांडा ने ट्रैफिक इंस्पेक्टर को निर्देश दिया कि स्कूलों में यातायात के नियमों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसमें स्कूल के विद्यार्थियों, स्टाफ और बस चालकों को ट्रैफिक के नियमों की पालना करने के बारे में जागरूक किया जाएगा। स्कूल की बसों में सेफ्टी उपकरण होने चाहिए।
बसों में आग बुझाने के उपकरण, फर्स्ट एड बॉक्स, पानी पीने की व्यवस्था, बस पर स्कूल का नाम, मोबाइल नंबर, फोन नंबर होना चाहिए। स्कूल बस का ड्राइवर और कंडक्टर वर्दी में होने चाहिए। इसमें इनके पास आईडी कार्ड होना चाहिए। उस पर फोटो सहित उनका नाम, पता, फोन नंबर लिखा होगा। उन्होंने कहा कि ड्राइवरों को सावधानी पूर्वक और तय गति सीमा के अंदर वाहन चलाना चाहिए। इन नियमों को तोड़ने पर ट्रैफिक पुलिस की तरफ से स्कूली वाहनों का चालान किया जाएगा। ड्राइवर और कंडक्टर अपनी वर्दी में रहेंगे। बस में महिला अटेंडेंट नहीं मिलने पर चालान किया जाएगा और तय संख्या से ज्यादा बच्चों को वाहन में बैठाने पर कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों को वाहन दिया तो अभिभावकों पर होगी कार्रवाई
इसके साथ ही मीटिंग के दौरान पंचकूला डीसीपी ने कहा कि माता-पिता अपने नाबालिग बच्चों को वाहन ने चलाने दें। वर्ना अभिभावकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मीटिंग के दौरान ट्रैफिक जाम की स्थिति को काबू करने के लिए क्यूआरटी राइडर तैनात रहेगी। यह ट्रैफिक में जाम की स्थिति को नियंत्रित कर कोहरे और सर्दी के मौसम में सड़क दुर्घटना से बचाव के लिए वाहन चालकों को जागरूक करेंगी। वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगवाने के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
सर्दी के मौसम में सड़क दुर्घटना में कमी आ सके, इसके अलावा ट्रैफिक लाइट जहां भी खराब हो उसे जल्द ठीक करवाया जाएगा। नशे में वाहन चलाने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग करने पर कार्रवाई की जाएगी। मीटिंग के दौरान एसीपी ट्रैफिक शहरी पंचकूला रमेश कुमार गुलिया, एसीपी ट्रैफिक सूरजपुर मुकेश कुमार और प्रबंधक ट्रैफिक शहरी इंस्पेक्टर यशदीप सिंह मौजूद रहे।