अघोषित बिजली कटों और पेयजल संकट पर सरकार को घेरा, कहा- किसानों की धान पनीरी भी हो रही खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। भीषण गर्मी के बीच कालका विधानसभा क्षेत्र में अघोषित बिजली कटों और पेयजल संकट से लोग परेशान हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि जनता सड़कें जाम करने को मजबूर हो रही है। पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने बिजली-पानी संकट को लेकर प्रदेश सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार जनता को राहत देने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
प्रदीप चौधरी ने कहा कि लगातार बिजली कटौती के कारण लोग दिन-रात परेशान हैं और गर्मी में चैन की नींद तक नहीं ले पा रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन जनता की समस्याओं की ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि कालका विधानसभा क्षेत्र में बिजली और पानी की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। वहीं मोरनी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पेयजल आपूर्ति चरमरा गई है। लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। चौधरी ने कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई सुधार दिखाई नहीं दे रहा।
पूर्व विधायक ने किसानों की समस्या भी उठाई। उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए बिजली सप्लाई प्रभावित होने से धान की पनीरी खराब होने का खतरा बढ़ गया है। किसान महंगे खर्च पर पनीरी तैयार करते हैं, लेकिन समय पर पानी नहीं मिलने से नुकसान झेलना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, वहीं पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों ने किसानों और आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार तुड़ी के बढ़ते दाम रोकने और पशुपालकों के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने में भी विफल रही है।