हरियाणा में स्वास्थ्य कर्मचारी बिना पीपीई किट के घर-घर घर जाकर विदेशों से आए लोगों को ट्रेस कर उनकी स्क्रीनिंग कर रहे हैं। इससे स्वास्थ्य कर्मचारियों को खुद संक्रमित होने का खतरा सता रहा है। इसी बात को लेकर नाराज कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि तुरंत सभी जिलों में पर्याप्त संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों के लिए पीपीई (पर्सनल प्रोटक्शन इक्विपमेंट्स) किट उपलब्ध करवाई जाए।
बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन के राज्य प्रधान ओमपति क़ादियान, महासचिव हरिनिवास व प्रेस सचिव संदीप कुंडू ने बताया कि सभी साथी स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना के संदेहात्मक केसों का बिना पीपीई किट के सर्वे और होम विजिट कर रहे हैं। जोकि बहुत जोखिमभरा है। सभी साथी दिन-रात अपनी ड्यूटी में जुटे हैं, लेकिन इतने जोखिमभरे कार्य को बिना संपूर्ण सामग्री के करना हेल्थ वर्कर्स के लिए बहुत बड़ा खतरा है। सरकार को चाहिए कि हर कर्मचारी को पीपीई किट उपलब्ध करवाएं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोरोना से जंग जारी है। पांच जिलों को छोड़कर बाकी जिलों में कोरोना का कोई पॉजिटिव मामला सामने नही आया है । कोरोना से जंग में प्रदेश के बहु उद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। विदेशों से लौटे यात्रियों को ट्रेस करने, उनकी हिस्ट्री लेने, स्क्त्रस्ीनिंग करने ,14 दिन तक होम क्वॉरेंटाइन के दौरान उनका फॉलोअप करने ,घर-घर जाकर लोगो को कोरोना के बारे में जागरूक करने, संदिग्ध लक्षणों वाले व्यक्ति को तुरंत आइसोलेट करने व इलाज के लिए पहुंचाने जैसे कार्य किये जा रहे हैं । उक्त कार्यों में लगा स्वास्थ्य कर्मचारी संदिग्ध मरीजों से सीधे तौर पर मिलता है, जो कि उच्च जोखिम भरा कार्य है। इस दौरान वह स्वयं भी वायरस जी चपेट में आ सकता है।