प्रदूषण से सात दिन तक राहत मिलने के बाद मंगलवार को फिर से एयरक्वालिटी इंडेक्स बढ़ गया है। शाम सात बजे सेक्टर 25 का एयरक्वालिटी इंडेक्स 268 रिकार्ड किया गया, जो मध्यम प्रदूषण की श्रेणी में आता है। पांच नवंबर से पहले चंडीगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब और बहुत खराब की श्रेणी में दर्ज किया जा रहा था।
उसके बाद बारिश हुई तो उससे राहत मिल गई थी, लेकिन अब फिर से हवा जहरीली होने लगी है। विशेषज्ञों ने बताया है कि यदि मौसम में बदलाव नहीं आया तो प्रदूषण की स्थिति आगे और खराब हो सकती है। हालांकि, हिमाचल और पंजाब के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बन रही है। यदि बारिश या हवा की दिशा में बदलाव आता है तो इससे प्रदूषण से राहत मिलेगी।
पीजीआई के स्कूल ऑफ पब्ल्कि हेल्थ के एनवायरनमेंट हेल्थ के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. रविंद्रा खैवाल ने बताया कि बारिश के बाद अब दोबारा से स्थानीय प्रदूषण के कण बढ़ने लगे हैं। आसपास पराली जलाए जाने की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। दूसरी तरफ, तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। इससे वायुमंडलीय सतह नीचे आई। इस वजह से प्रदूषण के कण ऊपर जाने के बजाय नीचे रह रहे हैं। अब भी चंडीगढ़ की कई सड़कें टूटी हैं। इनसे जब भी वाहन गुजरते हैं तो उसे धूल उड़ती है।
सड़क पर टायरों के घिसने से जो कण निकलते हैं, उससे पाल्यूशन बढ़ता है। जब तक इन पर रोक नहीं लगेगी तब तक प्रदूषण पर रोक नहीं लगेगी। एक्यूआई 0 से 50 के बीच होने पर ‘अच्छा’ होता है, जबकि 51 से 100 के बीच होने पर ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 और 500 के बीच होने पर उसे ‘गंभीर’ समझा जाता है। दिवाली के दिन कई जगह एक्यूआई 300 से ऊपर दर्ज किया गया था, जो गंभीर की श्रेणी में आता है।