चंडीगढ़। खाद पर अनुदान के मामले में पंजाब में कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हो गई है। पंजाब भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा किसानों को दी जा रही खाद सब्सिडी का जिक्र करते हुए उनका आभार व्यक्त किया तो पंजाब कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि किसानों को खाद सब्सिडी देने वाले मोदी पहले प्रधानमंत्री नहीं हैं।
भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा, खाड़ी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीएपी और यूरिया की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ गई हैं इसके बावजूद केंद्र सरकार किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत सरकार एक किलो यूरिया लगभग 100 रुपये में आयात कर रही है जबकि किसानों को वही यूरिया मात्र 6 रुपये प्रति किलो में उपलब्ध कराया जा रहा है।
यूरिया के प्रत्येक बैग पर 4250 रुपये और डीएपी के प्रत्येक बैग पर 3200 रुपये की सब्सिडी दे रही है। पंजाब में हर साल 6.88 करोड़ बैग यूरिया और 1.30 करोड़ बैग डीएपी का उपयोग होता है। इसी दर से देखें तो पंजाब के किसानों को इस वर्ष केवल खाद सब्सिडी के रूप में लगभग 32 हजार करोड़ की सहायता मिलेगी।
खाद सब्सिडी पर वाहवाही लूट रही भाजपा : वड़िंग
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि खाद सब्सिडी कई वर्षों से हर सरकार की नीति रही है और प्रधानमंत्री मोदी इसे देने वाले पहले नेता नहीं हैं। भाजपा बिना वजह इस मसले पर वाहवाही लूटना चाहती है। प्रधानमंत्री ने किसानों को खादों के इस्तेमाल को कम करने या उससे परहेज करने की भी सलाह दी थी। उन्होंने सवाल किया कि जब एक तरफ आप खादों पर सब्सिडी देने का दावा करते हैं और दूसरी तरफ किसानों को इनके इस्तेमाल से बचने के लिए कहते हैं, तो इसका क्या मतलब बनता है? अध्यक्ष ने कहा कि किसानों की अन्य कृषि लागतें, जैसे डीजल, मजदूरी और बढ़ती महंगाई के मुकाबले कोई भी सब्सिडी पर्याप्त नहीं हो सकती।